Niraj Sharma Murder Case Full Story। मां की जगह खुद अनुकंपा नियुक्ति पाना चाहती थी…लेकिन मां ने खुद नौकरी कर ली। बस इसी खुन्नस में बेटी ने अपनी मां की सुपारी दे दी। देश को हैरान कर देने वाली ये मर्डर मिस्ट्री राजस्थान की राजधानी जयपुर से आयी है। पुलिस जांच के अनुसार, सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति के लालच में एक बेटी पर अपनी ही मां की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले में बेटी के चचेरे भाई, ताऊ और अन्य लोगों की कथित भूमिका भी सामने आई है।
पुलिस का दावा है कि यह कोई सड़क हादसा नहीं, बल्कि लंबे समय से रची गई सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। मामला एयरपोर्ट कॉलोनी निवासी दिवंगत विजय वशिष्ठ (विजय शर्मा) के परिवार से जुड़ा है। विजय वशिष्ठ निचली अदालत में एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) के पद पर कार्यरत थे। करीब एक साल पहले उनकी मृत्यु हो गई। उनके परिवार में पत्नी नीरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा और मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है। विजय की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति को लेकर परिवार में विवाद शुरू हो गया।
अनुकंपा नौकरी बनी विवाद की वजह
पुलिस के अनुसार, पिता की मौत के समय आयुषी ने 12वीं की परीक्षा पास की थी और वह चाहती थी कि उसे पिता के स्थान पर सरकारी नौकरी मिल जाए। शुरुआत में उसकी मां नीरज शर्मा भी इसके लिए तैयार थीं, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों ने समझाया कि दिव्यांग बेटे की देखभाल और भविष्य को देखते हुए नीरज को स्वयं नौकरी करनी चाहिए। इसके बाद नीरज शर्मा ने अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार कर ली। यहीं से मां-बेटी के बीच मतभेद गहराने लगे। आरोप है कि आयुषी इस फैसले से नाराज होकर घर छोड़कर अपने ताऊ के बेटे बलराम के साथ रहने लगी और वहीं से पूरी साजिश की शुरुआत हुई।
करोड़ों की संपत्ति और नौकरी का लालच
पुलिस जांच में सामने आया है कि आयुषी ने कथित तौर पर बलराम से कहा था कि यदि उसकी मां की मौत हो जाती है तो उसे सरकारी नौकरी मिल जाएगी और जयपुर के दोनों मकानों के साथ भरतपुर और आगरा रोड स्थित करोड़ों रुपये की जमीन पर भी उसका अधिकार हो जाएगा। इसके बदले उसने बलराम को संपत्ति का हिस्सा देने का कथित वादा किया।जांच एजेंसियों के अनुसार, इसके बाद बलराम ने अपने पिता मोहन शर्मा और भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि सात लाख रुपये में सुपारी देकर नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रची गई।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, एक महीने पहले भी नीरज शर्मा को घर के बाहर वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह बच गईं। इस घटना के बाद उन्हें किसी साजिश का शक हो गया। उन्होंने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए और सुरक्षा बढ़ा दी। इसके बावजूद आरोपियों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखना जारी रखा।परिजनों का यह भी आरोप है कि नीरज शर्मा को पहले जूस में जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी जांच के दौरान की जा रही है।
120 की रफ्तार से आई कार, सीसीटीवी से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध कार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आती दिखाई दी। क्राइम सीन के वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि यह सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी।पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आयुषी ने मां के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद और हत्या की योजना से जुड़े कई अहम तथ्य बताए हैं। हालांकि इन बयानों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
परिजनों ने उठाए कई सवाल
परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता चंद्रप्रकाश ने आरोप लगाया कि बलराम बेरोजगार था और विजय वशिष्ठ ने उसकी पढ़ाई में मदद की थी। इसके बावजूद उसने संपत्ति के लालच में परिवार के साथ विश्वासघात किया। अधिवक्ता ने विजय वशिष्ठ की मौत की भी दोबारा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी मृत्यु भी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जबकि कुछ आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।












