NTA 47 अधिकारी बर्खास्त । देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। एक साथ 47 अफसरों को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। परीक्षा प्रणाली में सुधार के नजरिये से इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कहा जा रहा है। शुक्रवार की देर शाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है।
शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एजेंसी के 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया गया है, जबकि कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई NTA की कार्यप्रणाली की समीक्षा के बाद की गई है। हाल के वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण एजेंसी लगातार विवादों में रही है। ऐसे में सरकार जवाबदेही तय करने के साथ परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने की दिशा में कदम उठा रही है।
270 परीक्षाएं करा चुकी है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी
जानकारी के अनुसार, सेवा से हटाए गए अधिकारियों में कुछ ऐसे भी हैं जिनकी भूमिका की अलग से जांच की जा रही है। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के अलावा आपराधिक मामले दर्ज करने की तैयारी भी चल रही है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
NTA में बड़े बदलाव के संकेत
शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में NTA के प्रशासनिक ढांचे, परीक्षा संचालन प्रणाली और जवाबदेही से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
NTA में सिर्फ 24 स्थायी कर्मचारी करते हैं काम
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार NTA में स्वीकृत 39 स्थायी पदों में से केवल 24 पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 15 पद खाली पड़े हैं. एजेंसी के कामकाज को सुचारू रखने के लिए फिलहाल 73 संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) और 124 आउटसोर्स कर्मचारी तैनात किए गए हैं. संविदा कर्मियों में कंसलटेंट, सॉफ्टवेयर डेवलपर और यंग प्रोफेशनल्स शामिल हैं. शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में बताया कि NTA को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने निदेशक और संयुक्त निदेशक स्तर के 16 नए पद सृजित किए हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा.
NEET विवाद के बाद तेज हुई कार्रवाई
NEET-UG सहित कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में एजेंसी के भीतर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज की गई है।
पेपर लीक पर सरकार की सख्ती जारी
इसी बीच केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून भी ला रही है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना हो सकता है। NEET-UG विवाद के बाद विपक्ष और कई छात्र संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सरकार इस मांग को मानने के पक्ष में नहीं है।



















