अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो को जाति प्रमाण पत्र विवाद में बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित जांच समिति ने अपनी जांच पूरी करते हुए शिकायत को निराधार करार दिया है। समिति ने कहा कि शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले, इसलिए प्रकरण का निराकरण करते हुए शिकायत खारिज कर दी गई।
दरअसल ये पूरा मामला साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था। शिकायतकर्ता बिहारी लाल तिर्की ने आरोप लगाया था कि रामकुमार टोप्पो अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से संबंधित नहीं हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई थी जांच
याचिका में आरोप लगाया गया था कि आदिवासी विकास विभाग के सचिव, रायगढ़ कलेक्टर और एसडीओ सहित संबंधित अधिकारियों ने शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे। न्यायालय के आदेश के बाद गठित जांच समिति ने पूरे मामले की विस्तृत जांच की।
जांच के दौरान दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ताओं के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया। इसी आधार पर शिकायत को निराधार मानते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया।
समर्थकों में खुशी की लहर
लंबे समय से चल रही जांच पूरी होने और विधायक रामकुमार टोप्पो को क्लीन चिट मिलने के बाद उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। इसे विधायक के लिए बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत माना जा रहा है।
2023 विधानसभा चुनाव में दर्ज की थी बड़ी जीत
रामकुमार टोप्पो ने वर्ष 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में सीतापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने 83,088 वोट प्राप्त कर कांग्रेस उम्मीदवार अमरजीत भगत को 17,160 मतों के अंतर से हराया था। चुनाव के दौरान ही उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसकी जांच अब पूरी हो चुकी है।
जानें क्या है पूरा मामला
राम कुमार टोप्पो सीतापुर विधानसभा सीट से बीजेपी की सीट पर चुनाव जीते थे। लैलूंगा एसडीओ ने रामकुमार टोप्पो को 19 सितंबर 2023 को स्थायी जाति प्रमाण पत्र इश्यू किया था. इनके जाति प्रमाण पत्र में जाति का नाम नहीं लिखा गया है। उसके बाद रामकुमार टोप्पो ने जाति प्रमाणन अधिनियम 2013 ग्रामसभा का रुख किया। लैलूंगा तहसील के जामबहार ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में वह गए। वहां से उन्हें ग्राम सभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव पर जाति प्रमाण पत्र दिया गया। इस जाति प्रमाण पत्र में भी कहीं भी जाति के बारे में जानकारी नहीं दी गई है, जो कानूनी कमी को दर्शाता है। इसी को बेस बनाकर बिहारी लाल तिर्की ने रामकुमार टोप्पो के खिलाफ कोर्ट का रुख किया था. रामकुमार टोप्पो की जाति प्रमाण पत्र में जाति का जिक्र नहीं किया गया है।



















