सारंगढ़-बिलाईगढ़। प्रदेश में शिक्षकों के संलग्नीकरण को समाप्त करने की कवायद के बीच अब ‘अध्यापन व्यवस्था’ के नाम पर शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजने का सिलसिला जारी है। बरमकेला विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय से जारी एक आदेश में पांच शिक्षकों की अस्थायी पदस्थापना शिक्षक कमी वाले विद्यालयों में की गई है। आदेश सामने आने के बाद एक बार फिर संलग्नीकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शिक्षा गुणवत्ता का हवाला देकर जारी हुआ आदेश
17 जुलाई 2026 के पूर्व के निर्देशों का हवाला देते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बरमकेला ने आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, शून्य दर्ज संख्या वाले विद्यालयों तथा अतिरिक्त शिक्षकों वाले स्कूलों से शिक्षकों को एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक कमी वाले विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन कार्य के लिए आगामी आदेश तक भेजा जा रहा है।
इन 5 शिक्षकों की लगाई गई व्यवस्था
जारी आदेश के अनुसार कुल 5 शिक्षकों को नई व्यवस्था के तहत दूसरे विद्यालयों में भेजा गया है।
इनमें शामिल हैं—
• जयप्रकाश भोय (सहायक शिक्षक)
• विनोद राणा (सहायक शिक्षक)
• रविशंकर साहू (शिक्षक)
• नारायण पटेल (सहायक शिक्षक)
• शुभम पटेल (शिक्षक)
इन सभी को अलग-अलग शिक्षक कमी वाले विद्यालयों में आगामी आदेश तक अध्यापन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेटस नहीं बदलेगा, मूल संस्था रहेगी वही
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस व्यवस्था के दौरान संबंधित कर्मचारियों का मूल पदस्थापन (स्टेटस) वही रहेगा जो आदेश जारी होने से पहले था। यानी यह नियमित स्थानांतरण नहीं माना जाएगा, बल्कि केवल अध्यापन व्यवस्था के तहत अस्थायी जिम्मेदारी होगी।
पूरे शिक्षा सत्र 2026-27 तक लागू रहेगी व्यवस्था
आदेश में उल्लेख है कि यह व्यवस्था शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए प्रभावी रहेगी। हालांकि आवश्यकता पड़ने पर सक्षम अधिकारी द्वारा इसे निरस्त भी किया जा सकता है।
साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित शिक्षक कार्यभार ग्रहण करने के पांच कार्य दिवस के भीतर इसकी सूचना कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
VSK ऐप से उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश
आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित शिक्षक जिस विद्यालय में अध्यापन करेंगे, वहीं से VSK ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे। संबंधित विद्यालय के प्राचार्य को इसकी निगरानी और प्रमाणन की जिम्मेदारी दी गई है।
फिर उठे संलग्नीकरण पर सवाल
प्रदेश सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश जारी कर चुके हैं। ऐसे में ‘अध्यापन व्यवस्था’ के नाम पर शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में भेजे जाने से एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह व्यवस्था संलग्नीकरण का ही दूसरा स्वरूप है। हालांकि आदेश में इसे केवल शिक्षा गुणवत्ता सुधारने और शिक्षक विहीन विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित न होने के उद्देश्य से की गई अस्थायी व्यवस्था बताया गया है।




















