Chhattisgarh Teacher News। छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए TET (Teacher Eligibility Test) को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। एक ओर जहां राज्य में बिना TET उत्तीर्ण किए शिक्षकों के प्रमोशन पर रोक से जुड़ी चर्चाएं जारी हैं, वहीं दूसरी ओर कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने ऐसा आदेश जारी किया है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को फायदा मिलेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस पत्र का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु बिना विभागीय अनुमति के TET पास करने वाले शिक्षकों से जुड़ा है।
बिना विभागीय अनुमति TET पास करने वालों को मिलेगी मान्यता
DEO द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय के पत्र क्रमांक ISIB 1/565/2026/20-तीन, दिनांक 02 फरवरी 2026 के अनुसार, जिन शिक्षकों ने सेवाकाल के दौरान विभागीय अनुमति लिए बिना TET परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनकी सेवा पुस्तिका (Service Book) में TET उत्तीर्ण योग्यता की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से की जाएगी।इस आदेश से उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो वर्षों से अपनी TET योग्यता को सेवा अभिलेख में दर्ज कराने का इंतजार कर रहे थे।
सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित भुगतान पर भी निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में यह भी निर्देश दिया है कि जनवरी 2026 से जुलाई 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों और कर्मचारियों के सभी देयकों के भुगतान की जानकारी तीन दिनों के भीतर जिला कार्यालय को भेजी जाए।साथ ही, अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही नियमानुसार सभी देय स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
समयमान वेतनमान के प्रस्ताव भी तय समय में भेजने के निर्देश
DEO ने सभी BEO और प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि समयमान वेतनमान (Time Scale Pay) के पात्र शिक्षकों के प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में सात दिनों के भीतर जिला शिक्षा कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजे जाएं, ताकि पात्र शिक्षकों को समय पर लाभ मिल सके।
शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी राहत
हाल के दिनों में TET को लेकर अलग-अलग आदेशों के कारण शिक्षकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। एक तरफ TET नहीं होने पर पदोन्नति से जुड़ी सख्ती, तो दूसरी तरफ बिना विभागीय अनुमति TET पास करने वाले शिक्षकों की योग्यता को मान्यता देने का यह फैसला शिक्षकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। इससे ऐसे शिक्षकों की सेवा पुस्तिका अपडेट होगी और भविष्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उन्हें सुविधा मिल सकेगी।



















