IAS BKS Rey Death: छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक क्षेत्र से एक बुरी खबर आयी है। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी बीकेएस रे का निधन हो गया है। पिछले कुछ दिनों से वो अस्वस्थ्य चल रहे थे। कई बड़े पदों में रह चुके बीकेएस रे की छवि काफी ईमानदार अफसर के रूप में रही थी। अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव, कुशल कार्यशैली और जनहितकारी दृष्टिकोण के लिए पहचान रखने वाले बीकेएस रे ने शासन-प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
बीकेएस रे के निधन पर कई वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका उपचार रायपुर एम्स में चल रहा था। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर है।
निधन पर शोक संदेश का तांता
बी.के.एस. रे को एक अध्ययनशील अधिकारी के रूप में भी जाना जाता था। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। प्रशासन, शिक्षा, सुशासन और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर उनके लेख और व्याख्यान लगातार चर्चा में रहते थे। उनके बारे में उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन भी किया और विभिन्न विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखते रहे। उनके निधन पर पूर्व और वर्तमान नौकरशाहों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों तथा सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
बीकेएस रे ने संभाली थी कई अहम जिम्मेदारी
आईएएस बीकेएस रे कई अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके थे। राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1972 बैच के अफसर बीकेएस रे ने स्पष्ट सोच, निर्णय क्षमता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में अलग पहचान दिलाई।
बीकेएस रे ने अपने प्रशासनिक जीवन में उन्होंने गृह, परिवहन और विमानन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभालीं। वे बाद में प्रशासन अकादमी के महानिदेशक तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल और व्यावसायिक परीक्षा मंडल के अध्यक्ष भी रहे। शासन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों तथा नीतिगत प्रक्रियाओं में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
ग्रीस में सुकरात अवॉर्ड से सम्मानित
बीकेएस रे को ग्रीस में आठ दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन कायर्क्रम में खास तौर पर आमंत्रित किया गया। बीकेएस रे को साहित्यिक क्षेत्र में योगदान के लिए सुकरात अवॉर्ड और मीडिया में योगदान के लिए ट्रू मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। देशभर के चुनिंदा 35 साहित्यकार, लेखक और कवि इस सम्मेलन में शामिल हुए। इस मौके पर बीकेएस रे ने अपनी कविताओं का पाठ भी किया।
























