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सर्पदंश से 6 मौतें: करैत सांप ने ले ली दो सगे भाईयों की जान, सोने के दौरान डंसा, सांप को बर्तन में ढककर परिजन पहुंचे अस्पताल

Balrampur News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के पीपरसोत गांव में करैत सांप के डसने से 3 और 9 साल के दो सगे भाइयों की इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

July 7, 2026 2:29 AM
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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की शुरुआत के साथ दो तरफों से मौत का कहर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां वज्रपात से आये दिनों लोगों की जान जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ सांपों के काटने से हो रही मौतों के आंकड़े भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सरगुजा इलाके की ही बात करें तो 72 घंटे में सरगुजा संभाग से 6 लोगों की मौत सिर्फ सर्पदंश से हो गयी है।

अब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरसोत में खाट पर सो रहे दो सगे भाइयों को जहरीले करैत सांप ने डस लिया। दोनों बच्चों को पहले जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रात में खाट पर सो रहे थे तीनों भाई

जानकारी के अनुसार, ग्राम पीपरसोत के तुर्रापारा निवासी वृहस्पत नगेसिया के तीन बेटे और एक बेटी हैं। 2 जुलाई की रात उनके तीनों बेटे विकेश (11 वर्ष), विकास (9 वर्ष) और विक्रांत (3 वर्ष) एक ही खाट पर सो रहे थे।रात करीब 11:45 बजे सबसे छोटे बेटे विक्रांत के रोने की आवाज सुनकर माता-पिता की नींद खुली। विक्रांत कान की ओर इशारा कर रहा था। परिजन पहले कुछ समझ नहीं पाए और उसे शांत कराने लगे। इसी दौरान विकास भी बाएं हाथ की उंगली में किसी चीज के काटने की शिकायत करते हुए रोने लगा।

लाइट जलाते ही सामने दिखा करैत सांप

बच्चों की हालत देखकर परिजनों ने कमरे की लाइट जलाई और तीनों बच्चों को खाट से नीचे उतारा। तभी उनकी नजर खाट पर बैठे जहरीले करैत सांप पर पड़ी। जांच करने पर विक्रांत के दाहिने कान और विकास की बाएं हाथ की उंगली पर सर्पदंश के निशान मिले। परिजनों ने सांप को एक बर्तन से ढंक दिया और तत्काल संजीवनी 108 एंबुलेंस की मदद से बच्चों को जिला अस्पताल बलरामपुर पहुंचाया।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में नहीं बच सकी जान

जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने 9 वर्षीय विकास को मृत घोषित कर दिया। वहीं 3 वर्षीय विक्रांत को आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन कुछ घंटे बाद उसने भी दम तोड़ दिया।एक ही परिवार के दो मासूम बेटों की मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है।

तीन दिनों में सर्पदंश से 6 मौतें

बताया जा रहा है कि सरगुजा संभाग में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दो सगे भाइयों के अलावा जशपुर की एक महिला की भी मौत हो गई। वहीं तीन दिन पहले भी सर्पदंश से तीन लोगों की जान जा चुकी थी। इस तरह केवल तीन दिनों में सर्पदंश से कुल छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

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