Dhamtari Teacher News। स्कूलों से प्रतिनियुक्ति (अटैचमेंट) पर वर्षों से अन्य कार्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेशभर में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने की प्रक्रिया तेज हो गई है। धमतरी जिले में भी जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा से 7 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त कर उनके मूल स्कूलों में भेज दिया गया है।
DPI ने जारी किया सख्त निर्देश
डीपीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि जो शिक्षक प्रतिनियुक्ति से मुक्त होकर अपने मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे और VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उनका जुलाई माह का वेतन रोका जाएगा। इतना ही नहीं, उनके खिलाफ ‘ब्रेक इन सर्विस’ जैसी कठोर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रदेशभर में मचा हड़कंप
डीपीआई के इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। कबीरधाम, धमतरी, दुर्ग, सरगुजा सहित कई जिलों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी आनन-फानन में अपने मूल विद्यालयों के लिए रिलीव हो रहे हैं।विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब सभी शिक्षकों को नियमित रूप से अपने मूल स्कूल में उपस्थित होकर VSK ऐप से ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करनी होगी।
धमतरी में 7 अधिकारी-कर्मचारी किए गए भारमुक्त
मिली जानकारी के अनुसार, जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, धमतरी में लंबे समय से विभिन्न पदों पर प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 7 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से मूल विद्यालयों में भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कलेक्टर एवं मिशन संचालक के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई है। विभागीय सूत्र इसे प्रतिनियुक्ति व्यवस्था पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ मान रहे हैं।
प्रतिनियुक्ति व्यवस्था पर बड़ी कार्रवाई की शुरुआत
शिक्षा विभाग के सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल धमतरी तक सीमित नहीं रहेगी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर जमे शिक्षकों और कर्मचारियों को मूल स्कूलों में वापस भेजने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
ये शिक्षक मूल शाला में भेजे गये
- ओंकारनाथ बंजारे (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – मूलः शा.उ.मा.वि. अकलाडोंगरी, धमतरी
- खिलेश कुमार साहू (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) – मूलः शा.उ.मा.वि. बिरेतरा, धमतरी
- सुरेश कुमार ध्रुव (लेखापाल) मूलः शा.उ.मा.वि. कण्डेल, धमतरी
- ललित कुमार सिन्हा (बी.आर.सी.सी.) मूलः शा.उ.मा.वि. बारना, धमतरी
- कुलेश्वर सिन्हा (बी.आर.सी.सी.) मूलः शा.क.मा.शा. कुरूद, कुरूद
- तामेश्वर प्रसाद ठाकुर (बी.आर.सी.सी.) – मूलः शा.उ.मा.वि. बुड़ेनी, मगरलोड
- प्रकाश चंद साहू (बी.आर.सी.सी.) मूलः शा.मा.शा. पंडरीपानी (माल), नगरी










