Who is Tripura DGP Anurag Dhankar। डीजीपी अनुराग धनखड़ की आत्महत्या की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है। 1994 बैच के अफसर अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थिति में लाश पुलिस मुख्यालय में मिली है। पुलिस की तरफ से बताया गया है कि त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार इसे कथित आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मामले की जांच जारी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अनुराग धनखड़ का करियर रिकार्ड शानदार रहा है। वो देश के कई चर्चित केस को सॉल्व कर चुके थे। वो सीबीआई व सीआईएसएफ में भी अपनी सेवा दे चुके थे। नीरव मोदी पीएनबी घोटाले की जांच के दौरान उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी। इस घटना के बाद देशभर में लोग जानना चाहते हैं कि आखिर अनुराग धनखड़ कौन थे और उनका अब तक का सफर कैसा रहा।
कौन हैं अनुराग धनखड़?
जानकारी के मुताबिक अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे और त्रिपुरा कैडर से संबंधित थे। उन्होंने अपने तीन दशक से अधिक लंबे पुलिस करियर में राज्य और केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। वे एक तेज-तर्रार और अनुभवी जांच अधिकारी के रूप में पहचाने जाते थे।
मई 2025 में बने थे त्रिपुरा के DGP
अनुराग धनखड़ ने 17 मई 2025 को त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) का पद संभाला था। इससे पहले वे डीजीपी (इंटेलिजेंस) के रूप में कार्यरत थे। जनवरी 2024 से उनके पास अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) की जिम्मेदारी भी थी। उनकी नियुक्ति तत्कालीन डीजीपी अमिताभ रंजन के सेवानिवृत्त होने के बाद हुई थी।
नीरव मोदी-पीएनबी घोटाले की जांच से मिली राष्ट्रीय पहचान
अनुराग धनखड़ को राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा पहचान उस समय मिली, जब उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में रहते हुए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के नीरव मोदी घोटाले की जांच का नेतृत्व किया। यह देश के सबसे चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में से एक था।
CBI में निभाईं कई अहम जिम्मेदारियां
CBI में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP), उप महानिरीक्षक (DIG), संयुक्त निदेशक (Joint Director) और अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी पहचान निष्पक्ष और पेशेवर जांच अधिकारी के रूप में रही।
CISF और संयुक्त राष्ट्र मिशन में भी दी सेवाएं
CBI के अलावा अनुराग धनखड़ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में महानिरीक्षक (कार्मिक) भी रहे। वर्ष 2003-04 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के कोसोवो मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पुलिस मुख्यालय में मृत मिलने से मचा हड़कंप
सोमवार को अनुराग धनखड़ का शव अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मिला। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।
मौत की वजह पर अभी सस्पेंस
प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे कथित आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।










