Teacher News। प्रधान पाठक पर दो शिक्षिकाओं ने बेहद आपत्तिजनक आरोप लगाया है। शिक्षिकाओं के आरोप के बाद इस मामले में जांच शुरू हो गयी है। पूरा मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले का है, जहां से ये बेहद गंभीर मामला है।
वाड्रफनगर विकासखंड के माध्यमिक शाला भरूहीबांस की दो महिला शिक्षिकाओं ने स्कूल के प्रधानपाठक मनोज गुप्ता पर मानसिक उत्पीड़न, अशोभनीय व्यवहार और कार्यस्थल पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्तनपान के दौरान छिपकर देखने का आरोप
शिक्षिका का आरोप है प्रधान पाठक उन्हें गलत नजर से देखते हैं। लिखित शिकायत में, एक महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने शिशु को स्तनपान कराती थीं, तब प्रधानपाठक कथित रूप से छिपकर देखने का प्रयास करते थे। शिक्षिकाओं का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से वे लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थीं।
मासिक धर्म के दौरान मेडिकल सर्टिफिकेट मांगने का आरोप
दोनों शिक्षिकाओं ने यह भी आरोप लगाया कि मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान स्वास्थ्य कारणों से अवकाश मांगने पर प्रधानपाठक उनसे कथित रूप से मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने की मांग करते थे। उनका कहना है कि इससे उन्हें अपमान और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। शिक्षिकाओं ने आरोग लगाया है कि प्रधान पाठक की तरफ से उन्हें अपमानित करने का काम किया जाता है। शिक्षिका ने अपनी शिकायत में और भी गंभीर आरोप लगाये हैं।
पुलिस चौकी में दर्ज कराई शिकायत
बताया जा रहा है कि शिक्षिका ने पहले भी इस मामले में शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायत को विभाग स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया गया। विभागीय स्तर पर न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए दोनों शिक्षिकाओं ने बलंगी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय विधायक से भी मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की।
विधायक ने जांच के दिए निर्देश
शिकायत मिलने के बाद स्थानीय विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल इस मामले में प्रधानपाठक मनोज गुप्ता की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


















