बिलासपुर। कोटा विकासखंड के बेलगहना क्षेत्र में समग्र शिक्षा अभियान की राशि में गड़बड़ी पर शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है। दावा है कि 47 शिक्षकों की मिलीभगत अभी तक उजागर हुई है। इस मामले में अब थाने में शिकायत की गया है। समग्र शिक्षा के तहत खर्च किए गए सरकारी फंड को लेकर नया विवाद सामने आने के बाद इस मामले से जुड़े अन्य बिंदु भी सामने आ रहे हैं।
सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए मांगी गई जानकारी में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद मामला तूल पकड़ गया। दिलचस्प बात यह रही कि जिन शिक्षकों पर सवाल उठे, उन्होंने कार्रवाई से पहले ही आरटीआई आवेदकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। अब उसी शिकायत की जांच में पुलिस ने शिकायत करने वाले शिक्षकों को ही बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है।
RTI से सामने आए खर्च के दस्तावेज
जानकारी के अनुसार, सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए मिलने वाले समग्र शिक्षा फंड के उपयोग और रखरखाव की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई थी। आरटीआई के जवाब में मिले दस्तावेजों का अध्ययन करने पर फंड के खर्च और रिकॉर्ड में कथित अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया।इन दस्तावेजों के आधार पर विभागीय कार्रवाई की संभावना बनने लगी, जिसके बाद मामला नया मोड़ ले गया।
47 शिक्षकों ने एकजुट होकर की शिकायत
बताया जा रहा है कि कोटा विकासखंड के 47 शिक्षक और समन्वयक एक साथ बिलासपुर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे और आरटीआई आवेदन देने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।शिकायत में आरोप लगाया गया कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों का इस्तेमाल कर शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
अब पुलिस ने शिकायतकर्ताओं को ही बुलाया
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के पहले चरण में शिकायत करने वाले सभी शिक्षकों को बयान दर्ज कराने के लिए संबंधित थाने में बुलाया गया है।सूत्रों के अनुसार, पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में साक्ष्य जुटा रही है। यदि शिकायतकर्ता अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो मामला उनके लिए भी कानूनी मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एक ओर आरटीआई से सामने आए दस्तावेजों की सत्यता और उनमें दर्ज कथित वित्तीय गड़बड़ियों की पड़ताल होगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस पक्ष के दावों में कितनी सच्चाई है।


















