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CG News: छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों की नौकरी पक्की, आरक्षण का फैसला राजपत्र में हुआ प्रकाशित, पढ़िये किन-किन पदों पर मिलेगा रिजर्वेशन

छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों को तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में 10% आरक्षण मिलेगा। जानें 4 साल बाद कितने अग्निवीर स्थायी सेवा में रहते हैं और बाकी को क्या लाभ मिलता है।

August 22, 2026 3:43 AM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों की नौकरी पक्की हो गयी। कैबिनेट में हुए फैसले के बाद राज्य सरकार ने 10 प्रतिशत आरक्षण की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। छत्तीसगढ़ सरकार अब तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए ‘अग्निवीर सैनिक आरक्षण नियम-2026’ की अधिसूचना जारी कर दी है। इस आरक्षण का लाभ पुलिस, वन और जेल विभागों की सीधी भर्ती में मिलेगा।

सरकार के इस फैसले का लाभ उन अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी की है और वैध सेवा प्रमाण पत्र के साथ सेवा से मुक्त हुए हैं। इससे चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना में स्थायी रूप से चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा के बाद लागू हुआ नियम

छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के संदर्भ में लिया गया है। सरकार का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को सेवा पूरी करने के बाद बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।अग्निवीरों को सेना में सेवा के दौरान मिलने वाली ट्रेनिंग, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और तकनीकी अनुभव को देखते हुए पुलिस, वन और जेल विभाग में उनकी सेवाओं का उपयोग किया जा सकेगा।

अग्निवीरों को 4 साल बाद बाहर करने का नियम क्या है?

अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सभी अग्निवीरों को स्थायी सेवा में नहीं रखा जाता। वर्तमान व्यवस्था में प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में आगे स्थायी सेवा का अवसर दिया जाता है।

बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवा से मुक्त हो जाते हैं। हालांकि, स्थायी रूप से रखे जाने वाले अग्निवीरों का प्रतिशत बढ़ाने को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है, लेकिन जब तक सरकार की ओर से कोई नया फैसला नहीं होता, 25 प्रतिशत वाला मौजूदा प्रावधान ही लागू माना जाता है।ये आरक्षण का लाभ पुलिस विभाग, जेल विभाग व वन विभाग की नियुक्तियों में मिलेगा। 

कौन अग्निवीर रहेगा और कौन सेवा से बाहर होगा?

चार साल की सेवा पूरी होने के बाद स्थायी सेवा के लिए अग्निवीरों का चयन उनकी सेवा के दौरान प्रदर्शन और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है।इसमें कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। रोजमर्रा के काम में प्रदर्शन, अनुशासन, ड्यूटी के प्रति समर्पण और व्यवहार जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। इसके अलावा शारीरिक दक्षता, मेडिकल फिटनेस और सैन्य प्रशिक्षण में प्रदर्शन भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।

हथियारों के संचालन, तकनीकी कौशल और नई तकनीकों को सीखने की क्षमता के साथ टीम में काम करने की दक्षता को भी महत्व दिया जाता है। इन तमाम मानकों के आधार पर पात्र अग्निवीरों की मेरिट तैयार की जाती है और निर्धारित संख्या में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को आगे स्थायी सेवा का अवसर मिलता है।

सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों को क्या मिलता है?

चार साल की सेवा पूरी करने के बाद स्थायी सेवा के लिए चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को खाली हाथ घर नहीं लौटना पड़ता। सेवा पूरी होने पर उन्हें ‘सेवा निधि’ के तहत एकमुश्त राशि दी जाती है। उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार यह राशि करीब 11.71 लाख रुपये होती है और इसे कर-मुक्त बताया गया है।

इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों को उनके प्रशिक्षण और कौशल से संबंधित स्किल सर्टिफिकेट और अनुभव प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर वे आगे सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाश सकते हैं।

केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स की भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और आयु सीमा में छूट जैसी व्यवस्थाएं की हैं। कई राज्यों ने भी पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता या आरक्षण देने की व्यवस्था की है।

छत्तीसगढ़ में 10% आरक्षण क्यों महत्वपूर्ण?

छत्तीसगढ़ सरकार का 10 प्रतिशत आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद उन्हें राज्य में सरकारी नौकरी के लिए एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

पुलिस, वन और जेल विभाग में काम करने के लिए शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, टीमवर्क और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता जैसी खूबियां महत्वपूर्ण होती हैं। अग्निवीरों को सेवा के दौरान इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त होता है।

ऐसे में सरकार का मानना है कि इससे एक तरफ पूर्व अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य के सुरक्षा और संबंधित विभागों को प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवाओं का लाभ मिलेगा।

CG News: अग्निवीरों को 10% आरक्षण, 4 साल बाद सेवा से बाहर होने वालों को मिलेगा बड़ा लाभ

पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

छत्तीसगढ़ में लागू किया गया यह आरक्षण चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अग्निवीर योजना के तहत स्थायी सैन्य सेवा में चयनित नहीं होने वाले युवाओं को अब राज्य की तृतीय श्रेणी की सीधी भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।

इससे पूर्व अग्निवीरों को सेना से बाहर आने के बाद रोजगार के लिए नई संभावनाएं मिलेंगी और उनके प्रशिक्षण एवं अनुभव का उपयोग राज्य की सेवाओं में किया जा सकेगा।

 

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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