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CG High Court: तहसीलदार को जाति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं, जानिए किस अधिकारी को है पावर, हाईकोर्ट ने बताया, कौन जारी कर सकता है सर्टिफिकेट

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तहसीलदार को SC, ST और OBC जाति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं है। जानिए किस अधिकारी के पास आवेदन करना होगा और कोर्ट ने क्या फैसला दिया।

July 22, 2026 4:33 AM
हाईकोर्ट की फाइल फोटो
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CG High Court Caste Certificate Tehsildar Not Authorized। यदि आप अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का जाति प्रमाण पत्र बनवाने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि तहसीलदार जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं। अदालत ने कहा कि राज्य के कानून और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ-राजस्व) सहित अधिसूचित सक्षम अधिकारी ही जाति प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं।यह महत्वपूर्ण फैसला न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने बिलासपुर निवासी शैली सोनकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल याचिकाकर्ता शैली सोनकर ने अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बिलासपुर के तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन पर प्रकरण दर्ज भी हुआ, लेकिन लंबे समय तक न तो कोई अंतिम निर्णय लिया गया और न ही प्रमाण पत्र जारी किया गया।इसके बाद उन्होंने राहत की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

राज्य सरकार ने कोर्ट में क्या कहा?

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि याचिकाकर्ता ने गलत प्राधिकारी के समक्ष आवेदन किया था।सरकार ने अदालत को बताया कि छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 2013 और 24 सितंबर 2013 को जारी शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार तहसीलदार को नहीं है।

हाई कोर्ट ने क्या कहा?

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया कानून से निर्धारित है और उसका पालन करना अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि केवल तहसीलदार के पास आवेदन लंबित होने के आधार पर किसी व्यक्ति को राहत नहीं दी जा सकती। आवेदन सक्षम प्राधिकारी के समक्ष ही किया जाना चाहिए।

किस अधिकारी के पास करें आवेदन?

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के नियमों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निम्न अधिकारी सक्षम हैं—

  • अनुविभागीय अधिकारी (SDO-राजस्व)
  • उप कलेक्टर
  • अतिरिक्त कलेक्टर
  • कलेक्टर

सामान्य परिस्थितियों में एसडीओ (राजस्व) ही जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत प्राधिकारी होते हैं।

याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट का निर्देश

हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को संबंधित एसडीओ (राजस्व) के समक्ष नए सिरे से आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी।साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि यदि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन किया जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी कानून के अनुरूप शीघ्र निर्णय लें।यह फैसला उन हजारों लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो SC, ST या OBC जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करते हैं।

यदि आप जाति प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं, तो तहसीलदार के पास आवेदन करने के बजाय संबंधित एसडीओ (राजस्व) या अन्य अधिसूचित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन करें। गलत प्राधिकारी के पास आवेदन करने पर प्रक्रिया लंबी हो सकती है और आपका आवेदन लंबित रह सकता है।


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