रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मलेरिया उन्मूलन को लेकर अपनी रणनीति और तेज कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में “मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है।” इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और जनजागरूकता अभियान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर मलेरिया नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आने के बाद विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। मितानिन, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जागरूकता गतिविधियां चला रहे हैं, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
बस्तर में मलेरिया पर बड़ी जीत, पॉजिटिविटी दर 4.60% से घटकर 0.48%
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की रणनीतिक कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनसहभागिता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर मात्र 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मलेरिया नियंत्रण की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से 34.29 लाख लोगों की जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।
11.89 लाख संस्थागत प्रसव, 6.50 लाख लोगों को मिली 108 एम्बुलेंस सेवा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और उच्च जोखिम वाले मामलों का विशेष प्रबंधन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस शुरू की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
1051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक जांच सुविधा, 10 मेडिकल कॉलेजों में शुरू होंगे पैरामेडिकल कोर्स
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि HLL Lifecare Limited के सहयोग से प्रदेश के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
एनॉलॉग पनीर पर सरकार का सख्त फैसला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में एनॉलॉग (Analogue) पनीर के उपयोग और विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



















