रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए राहत के साथ-साथ बड़ी परेशानी भी बन गई है। प्रदेश के कई जिलों में जलभराव, जर्जर सड़कें, अधूरे पुल और डूबे अंडरब्रिज के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश से बांधों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सामने आई तस्वीरें बारिश के दो अलग-अलग पहलुओं को बयां कर रही हैं। दो दिनों की बारिश में कई इलाकों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
सरायपाली: 15 किलोमीटर सड़क गड्ढों में तब्दील, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र में कुटेला से अंतरझोला तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क बदहाल हो चुकी है। लगातार बारिश के चलते सड़क जगह-जगह धंस गई है और सैकड़ों गड्ढे बन गए हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये स्वीकृत होने के बावजूद ठेकेदार ने समय पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, जिसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गड्ढों से भरी सड़क पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है।
धमतरी: अधूरा पुल बना मुसीबत, बच्चों की जान जोखिम में
धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र सिहावा के गोवर्धनभाठा में निर्माणाधीन पुल लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। पुल का निर्माण अधूरा होने के कारण लोग वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश से यह रास्ता भी कटने की कगार पर पहुंच गया है।स्थिति यह है कि अब केवल करीब एक फीट चौड़ा रास्ता बचा है, जिससे स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। यदि यह रास्ता भी बह गया तो लोगों को करीब 7 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द पुल निर्माण पूरा करने की मांग की है।
कोरबा: गलियां बनीं नाले, घरों में घुसा बारिश का पानी
कोरबा जिले में झमाझम बारिश के बाद शहर और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। चुईया पंचायत के भटगांव में गलियां नाले में तब्दील हो गई हैं।तेज बहाव के साथ पानी घरों में घुसने लगा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
दुर्ग: मानसून ने पकड़ी रफ्तार, किसानों के चेहरे खिले
दुर्ग जिले में मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है। लगातार बारिश से नदी-नाले और तालाब लबालब हो गए हैं।हालांकि शहर में कुछ जगहों पर जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। समय पर पर्याप्त बारिश होने से खेती-किसानी को नई उम्मीद मिली है।
जलभराव पर भूपेश बघेल का सरकार पर हमला
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में जलभराव की स्थिति पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार को घेरा है।उन्होंने कहा कि शहरों में जलभराव के लिए सरकार जिम्मेदार है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां नगर निगमों में ऐसी स्थिति बनी है, वहां महापौरों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके मुताबिक कई शहरों में नेशनल हाईवे तक पानी से भर गए हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अभनपुर: अंडरब्रिज बना तालाब, जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग
रायपुर जिले के अभनपुर में शहर को जोड़ने वाला मुख्य अंडरब्रिज एक बार फिर बारिश के पानी से भर गया है।अंडरब्रिज में जलभराव होने से आवागमन प्रभावित हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
लगातार बारिश से बढ़ा बांधों का जलस्तर
बीते पांच दिनों में हुई अच्छी बारिश का असर प्रदेश के प्रमुख जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार राज्य के बड़े, मध्यम और छोटे बांधों में औसतन 52 प्रतिशत जल भंडारण हो चुका है, जबकि पिछले पांच दिनों में जलस्तर में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रमुख जलाशयों की वर्तमान स्थिति
- मिनीमाता बांगो जलाशय – 58.05%
- गंगरेल जलाशय – 46.67%
- तांदुला जलाशय – 43.93%
- दुधावा जलाशय – 72.74%
अच्छी बारिश से जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ किसानों को खरीफ फसल के लिए राहत मिली है।
बारिश बनी राहत भी, चुनौती भी
लगातार हो रही बारिश ने एक ओर जहां खेती और जलाशयों को संजीवनी दी है, वहीं दूसरी ओर खराब सड़कें, अधूरे निर्माण कार्य, जलभराव और कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। कई जिलों में लोग रोजमर्रा की आवाजाही के लिए जोखिम उठाने को मजबूर हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन पर है कि इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी किया जाता है।










