सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। प्रदेश में जगह-जगह पुल-पुलिया टूटकर बिखर रहे हैं, तो वहीं रपटा बह रहा है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां तेज बारिश ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धोन्धा–गोविंदपुर–रमकोला मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेतु विभाग द्वारा बनवाया जा रहा निर्माणाधीन रपटा तेज बारिश और नदी के उफान में बह गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि रपटा लगभग तैयार हो चुका था और उस पर लोगों का आवागमन भी शुरू हो गया था। ऐसे में पहली ही बारिश में उसके बह जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह गहरा गया है।
विभाग का दावा- निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ था
वहीं लोक निर्माण विभाग का कहना है कि रपटा का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ था। तेज बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण निर्माणाधीन संरचना क्षतिग्रस्त हो गई। विभाग ने मामले की जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
पहले करोड़ों की पुलिया भी हो चुकी है क्षतिग्रस्त
बताया जा रहा है कि इसी मार्ग पर पहले बनाई गई करोड़ों रुपये की पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अब लाखों रुपये की लागत से बन रहा रपटा भी बह जाने के बाद सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
इधर, मामले की जानकारी मिलते ही सूरजपुर कलेक्टर रैना जमील ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने जांच दल का गठन कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आपको बता दें कि रपटा का निर्माण स्थल बह जाने के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के वक्त भी कई बार लोगों ने घटिया निर्माण को लेकर सवाल खड़े किये थे, लेकिन उनकी बातों को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा रपटा आज बह गया।










