Chhattisgarh Congress Press Conference on NEET रायपुर। नीट का परिणाम भले ही जारी हो गया है, लेकिन नीट पेपर लीक को लेकर अभी तक राजनीति शांत नहीं हुई है। कांग्रेस पूरे देश में नीट पेपर लीक को लेकर आक्रामक है। राहुल गांधी खुद लगातार नीट प्रभावित परिवारों से संवाद कर रहे हैं, वहीं अलग-अलग राज्यों में भी प्रेस कांफ्रेंस हो रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी प्रेस कांफ्रेंस की।
रविवार को रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महंत ने देशभर में हो रहे NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान पूर्व मंत्री शिव डहरिया, अमितेश शुक्ल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।महंत ने कहा कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियां अब “महामारी” का रूप ले चुकी हैं और इसे खत्म करना बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत बर्बाद हो रही है।
“बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चरणदास महंत ने कहा कि छात्र दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं।उन्होंने कहा,
“यह भारत और भारत के बच्चों को समाप्त करने का एक षड्यंत्र लगता है।”
महंत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को एक राष्ट्रीय अभियान के रूप में उठाया है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की है।
“शिक्षा का हो रहा बाजारीकरण”
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा का लगातार बाजारीकरण हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे जा रहे हैं।महंत ने आरोप लगाया कि:
- NEET का पेपर 40 लाख रुपये तक में बिकता है।
- IIT प्रवेश परीक्षा का पेपर 15 लाख रुपये में बेचा जाता है।
- उत्तराखंड पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर भी 15 लाख रुपये में बिकने के आरोप लगे।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप सही हैं तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर मामला है।
“152 पेपर लीक, करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित”
चरणदास महंत ने दावा किया कि देशभर में अब तक 152 स्थानों पर पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे करीब साढ़े सात करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि इन घटनाओं से निराश होकर कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली।
RSS विचारधारा वाले कुलपतियों को हटाने की मांग
महंत ने मांग की कि देश के विश्वविद्यालयों में नियुक्त RSS विचारधारा से जुड़े कुलपतियों को हटाया जाए। साथ ही उन्होंने पेपर लीक के सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
PM पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए महंत ने कहा,
“इतनी हत्याओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों के साथ देश कैसे विश्वगुरु बनेगा, यह प्रधानमंत्री ही बता सकते हैं।”
कांग्रेस ने कहा कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाती रहेगी।










