न्यूज हेडलाइन टॉप न्यूज छत्तीसगढ़ ब्यूरोक्रेट वेब स्टोरी/शॉर्टस क्राइम शिक्षक/कर्मचारी देश/राज्य मौसम मनोरंजन खेल/खिलाड़ी राशिफल/धर्म सेहत ऑटोमोबाइल/मोबाइल बिजनेस नौकरी/सरकारी योजनाएं

---Advertisement---

CG Teacher News: बारिश में भी 146 विकासखंडों में गरजे शिक्षक, 82 हजार शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर सरकार से दो टूक—TET का मौका दो या भविष्य सुरक्षित करो

छत्तीसगढ़ में 146 विकासखंडों में शिक्षक साझा मंच का बड़ा प्रदर्शन। 82 हजार सेवारत शिक्षकों ने TET के पर्याप्त अवसर, सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता और पदोन्नति को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

August 22, 2026 1:36 PM
TET के मुद्दे पर शिक्षकों ने किया 146 विकासखंड में प्रदर्शन
---Advertisement---11

सेवा सुरक्षा न्याय रैली में प्रदेशभर के शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन, TET अनिवार्यता और पदोन्नति के मुद्दे पर शासन के सामने रखी बड़ी मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 82 हजार सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और TET अनिवार्यता को लेकर शिक्षक आंदोलन अब तेज होता दिखाई दे रहा है। शनिवार को बारिश के बीच प्रदेश के 146 विकासखंडों में एक साथ शिक्षकों ने शक्ति प्रदर्शन किया। शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर धरना, रैली और प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

शिक्षकों की सीधी मांग है कि यदि TET अनिवार्य किया जा रहा है तो पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने के पर्याप्त और स्पष्ट अवसर दिए जाएं। साथ ही वर्षों की सेवा, अनुभव और वरिष्ठता को प्रभावित न किया जाए।

“TET चाहिए तो परीक्षा का अवसर भी दो”

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने सरकार के सामने बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को अचानक TET के नाम पर असुरक्षा की स्थिति में नहीं डाला जा सकता।

उन्होंने कहा—

“सरकार और विभाग को स्पष्ट करना होगा कि सेवारत शिक्षकों से TET की पात्रता कैसे हासिल करने की अपेक्षा की जा रही है। यदि TET अनिवार्य है तो परीक्षा का पर्याप्त अवसर भी अनिवार्य रूप से देना होगा। अवसर दिए बिना पात्रता की उम्मीद करना उचित नहीं है।”

राठौर ने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षकों का भविष्य इस मुद्दे से जुड़ा हुआ है और अब सरकार को इस पर स्पष्ट निर्णय लेना होगा।

146 विकासखंडों में एक साथ गूंजी सेवा सुरक्षा की मांग

प्रदेशव्यापी आंदोलन में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ और सर्व शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों की भागीदारी रही।

विभिन्न विकासखंडों में शिक्षकों ने “सेवा सुरक्षा दो”, “TET के लिए पर्याप्त अवसर दो” और “वरिष्ठता के साथ न्याय करो” जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षक संगठनों ने मांगों पर शीघ्र निर्णय की मांग की।

मंच ने दावा किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या सरकार के विरोध के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के करीब 82 हजार सेवारत शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा की लड़ाई है।

बारिश नहीं रोक पाई शिक्षक आंदोलन

मौसम की खराबी और बारिश के बावजूद कई विकासखंडों में शिक्षकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। बारिश के बीच रैलियां निकाली गईं और प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे गए।

शिक्षक साझा मंच ने कहा कि यह प्रदर्शन साफ संकेत है कि अब शिक्षक अपने भविष्य और सेवा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

अश्वनी कुर्रे बोले- अनिश्चितता खत्म करे सरकार

शिक्षक नेता अश्वनी कुर्रे ने कहा कि TET को लेकर लंबे समय से सेवारत शिक्षकों में असमंजस और चिंता बनी हुई है। सरकार को स्पष्ट नीति बनाकर इस अनिश्चितता को समाप्त करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट परीक्षा कार्यक्रम और पर्याप्त अवसर के शिक्षकों के भविष्य पर सवाल खड़े होना उचित नहीं है।

वरिष्ठता और अनुभव की अनदेखी पर उठाए सवाल

सर्व शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की वरिष्ठता और अनुभव की अनदेखी नहीं की जा सकती। TET की व्यवस्था ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिससे पहले से कार्यरत वरिष्ठ शिक्षकों की सेवा या पदोन्नति प्रभावित हो।

वहीं नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत ने कहा कि वरिष्ठता से छेड़छाड़ होने पर भविष्य में विभागीय स्तर पर नई जटिलताएं और वेतन विसंगतियां पैदा हो सकती हैं। सरकार को कोई भी निर्णय लेने से पहले सेवारत शिक्षकों के अनुभव और वर्षों की सेवा का सम्मान करना चाहिए।

“टकराव नहीं, लेकिन न्याय के लिए आंदोलन जारी रहेगा”

शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया कि शिक्षक सरकार के साथ टकराव नहीं चाहते, लेकिन सेवा सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर पीछे हटने का सवाल भी नहीं है।

मंच का कहना है कि वर्षों तक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अपनी सेवाएं देने वाले शिक्षकों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता तत्काल समाप्त होनी चाहिए। इसके लिए सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच सार्थक संवाद तथा ठोस निर्णय जरूरी है।

शिक्षकों की सरकार से तीन बड़ी मांग

  • TET के लिए सेवारत शिक्षकों को पर्याप्त अवसर और स्पष्ट परीक्षा व्यवस्था
  • सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और वरिष्ठता पर कोई असर नहीं
  • पदोन्नति प्रक्रिया में वर्षों के अनुभव और सेवा अवधि का सम्मान

146 विकासखंडों में एक साथ हुए प्रदर्शन के बाद शिक्षक साझा मंच ने साफ संकेत दे दिया है कि 82 हजार सेवारत शिक्षकों का मुद्दा अब सिर्फ ज्ञापन तक सीमित नहीं रहने वाला। सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में शिक्षक आंदोलन और अधिक व्यापक हो सकता है।

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment