रायपुर/मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदोन्नति (Teacher Promotion) की प्रक्रिया के बीच शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ होती दिख रही है। राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को सेवा सुरक्षा की गारंटी भले ही दे दी है, लेकिन प्रमोशन के नियमों में टीईटी की अनिवार्यता पर फिलहाल किसी प्रकार की छूट मिलती नजर नहीं आ रही है।
हाईकोर्ट और विभाग के कड़े निर्देशों के बाद अब जिला एवं विकासखंड स्तर पर पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर नए सिरे से तेजी से आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अंबागढ़ चौकी ने एक महत्वपूर्ण आधिकारिक आदेश जारी किया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि बिना टीईटी पास किए शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा।

BEO अंबागढ़ चौकी का नया आदेश जारी
विकासखंड शिक्षा अधिकारी, अंबागढ़ चौकी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग-दुर्ग के आदेश के परिपालन में सहायक शिक्षक (एल.बी.) और सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला (एल.बी.) के पदोन्नति प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजे जाने हैं।
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि केवल वही सहायक शिक्षक पदोन्नति प्रस्ताव के लिए पात्र होंगे जो प्राथमिक स्तर एवं प्राथमिक तथा माध्यमिक दोनों स्तरों में TET उत्तीर्ण (TET Qualified) हैं।
2 सितंबर 2026 तक जमा करने होंगे दस्तावेज
BEO कार्यालय ने समस्त प्राचार्य (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय/हाईस्कूल) और सर्व प्रधानपाठक (प्राथमिक/माध्यमिक) को निर्देशित किया है कि पात्र शिक्षकों के आवश्यक दस्तावेज एवं अभिलेख 02/09/2026 तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
प्रस्ताव के साथ ये दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है:
1. निर्धारित प्रपत्र में पदोन्नति प्रस्ताव।
2. विगत 5 वर्षों (2022 से 2026) की गोपनीय चरित्रावली (CR) की प्रमाणित प्रति।
3. विगत 5 वर्षों (2021 से 2025) का चल-अचल संपत्ति का विवरण।
4. शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता संबंधी सभी प्रमाण-पत्र (TET अंकसूची सहित)।
5. अन्य आवश्यक दस्तावेज/अभिलेख।
संस्था प्रमुखों की होगी जिम्मेदारी
आदेश में चेतावनी भी दी गई है कि सभी प्रस्तावों का परीक्षण संस्था प्रमुखों (Headmasters/Principals) द्वारा भली-भांति जांचकर पूरी तरह सही जानकारी के साथ किया जाए। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त प्रस्तावों या अपूर्ण दस्तावेजों की पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रमुख की होगी।
गैर-TET धारी शिक्षकों में असमंजस
प्रमोशन में टीईटी की बाध्यता बरकरार रहने से बिना टीईटी पास किए सहायक शिक्षकों में निराशा और असमंजस का माहौल है। लंबे समय से शिक्षक संघ टीईटी में छूट की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासनिक आदेशों से स्पष्ट है कि विभाग पदोन्नति प्रक्रिया में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और अदालती दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कर रहा है।



















