रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज 25 अगस्त को शिक्षकों का बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा। रोजाना हाथों में कलम और चॉक लेकर बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक आज तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरेंगे। प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विशाल रैलियां आयोजित की जा रही हैं। TET की अनिवार्यता, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और वेतन विसंगति समेत कई मुद्दों को लेकर शिक्षक आज सरकार के खिलाफ हल्ला बोल करेंगे।
आंदोलन के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित रहने की संभावना है। शिक्षक संगठनों का दावा है कि बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधान पाठक और व्याख्याता आंदोलन में शामिल होंगे। ऐसे में कई स्कूलों में कक्षाएं सूनी नजर आ सकती हैं।
इधर, शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे, उधर, शिक्षा विभाग की हाईलेवल आज मीटिंग होनी है। चर्चा है कि इस बैठक में टीईटी पर अहम निर्णय हो सकता है। आज की बैठक में ये तय हो जायेगा, कि सरकार TET पर अपने कदम पीछे खीचेगी या नहीं। लिहाजा आज की बैठक पर शिक्षकों की नजर रहेगी।
कलम और चॉक की जगह आज हाथों में तिरंगा
शिक्षक आंदोलन की सबसे खास बात यह रहेगी कि प्रदर्शनकारी शिक्षक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर रैली निकालेंगे। शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि यह आंदोलन केवल TET का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है।प्रदेश संयोजक संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। उनके अनुसार भर्ती और पदोन्नति नियमों में TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों के बीच असंतोष है।
आज हर जिले में दिखेगा शिक्षक आंदोलन
मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में रैली निकाली जाएगी। रैली के बाद शिक्षक मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। आंदोलन को लेकर पहले ही स्थानीय प्रशासन को सूचना दी जा चुकी है।
मोर्चा से जुड़े नेताओं ने दावा किया है कि आंदोलन की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी और अलग-अलग जिलों में शिक्षकों को संगठित किया गया है।
TET को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी
शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता से राहत दी जाए। आंदोलनकारी शिक्षकों का तर्क है कि भर्ती और पदोन्नति नियमों में पहले ऐसी बाध्यता नहीं थी। उनका कहना है कि कई शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करने का समय दिया गया है, इसके बावजूद पदोन्नति में TET को लेकर अनिवार्यता का मुद्दा उठाया जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि नियमित रूप से TET परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक अब तक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। ऐसे में पदोन्नति और सेवा सुरक्षा को TET से जोड़ना उचित नहीं होगा।
ये हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें
• सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता से राहत
• पूर्व सेवा अवधि की गणना करते हुए पूर्ण पेंशन और अन्य सेवा लाभ
• शिक्षकों को केंद्र के समान वेतनमान
• वेतन विसंगति को दूर करने की मांग
• 13 फरवरी 2026 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन
• शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए B.Ed. ब्रिज कोर्स की व्यवस्था
स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ेगा असर
प्रदेशभर में बड़ी संख्या में शिक्षक आंदोलन में शामिल होने का दावा कर रहे हैं। इसका सीधा असर स्कूलों की नियमित पढ़ाई पर पड़ सकता है। कई जगह शिक्षकों के रैली में शामिल होने से स्कूलों में विद्यार्थियों की कक्षाएं प्रभावित हो सकती हैं।
आज प्रदेश की सड़कों पर एक अलग तस्वीर नजर आएगी। कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक तिरंगा लेकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करेंगे। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि शिक्षकों के इस प्रदेशव्यापी आंदोलन के बाद सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है।



















