Teacher News। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के जुलाई के वेतन पर संकट छा गया है। जून माह में जिन निर्देशों पर DPI ने सख्त चेतावनी जारी की थी, अब उस पर अमल होना शुरू हो गया है। शिक्षकों के VSK ऐप के जरिये ऑनलाइन उपस्थिति (Online Attendance) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने अपने कई पत्र के द्वारा पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप के माध्यम से नियमित ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों का जुलाई माह का वेतन रोका जा सकता है। अब इस निर्देश पर जिलों में अमल भी शुरू हो गया है।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, VSK ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों की सूची संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) को भेज दी गई है, ताकि ऐसे शिक्षकों का जुलाई माह का वेतन तैयार नहीं किया जाए।
DPI के आदेश के बाद जिलों में शुरू हुई कार्रवाई
लोक शिक्षण संचालनालय ने जून के अंतिम सप्ताह में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा था कि जिन शिक्षकों की उपस्थिति VSK ऐप पर दर्ज नहीं होगी, उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इसके बाद अब जिलों में ऐसे शिक्षकों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बलौदाबाजार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शिक्षकों ने VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की, इसलिए उनके नाम वेतन प्रक्रिया से पहले संबंधित DDO को भेजे जा रहे हैं।


DDO को दिए गए स्पष्ट निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अपने पत्र में संबंधित DDO से कहा है कि सूची में शामिल शिक्षकों के जुलाई 2026 के वेतन भुगतान से पहले VSK उपस्थिति का परीक्षण किया जाए। जिन शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति उपलब्ध नहीं है, उनके संबंध में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सूची में कई शिक्षकों के नाम
पत्र के साथ संलग्न सूची में विभिन्न स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों के नाम शामिल हैं, जिनकी VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं होने का उल्लेख किया गया है। विभाग ने इस सूची के आधार पर वेतन आहरण की प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।

पहले भी DPI ने जारी किया था कड़ा निर्देश
गौरतलब है कि DPI ने हाल ही में जारी आदेश में साफ कहा था कि ऑनलाइन अटेंडेंस अब केवल औपचारिकता नहीं बल्कि वेतन भुगतान से जुड़ी अनिवार्य प्रक्रिया है। विभाग का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति की डिजिटल निगरानी करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
अब बलौदाबाजार जिले से जारी कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि विभाग अपने निर्देशों को लेकर गंभीर है और आने वाले दिनों में अन्य जिलों से भी इसी तरह की कार्रवाई सामने आ सकती है।



















