रिटायरमेंट से पहले वन विभाग में बड़ा फेरबदल, IFS अफसरों की कमी के बीच सरकार ने संभाली कमान
Chhattisgarh IFS Officers Transfer। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में सात वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की नई पदस्थापना कर दी है। पहली नजर में यह सामान्य तबादला आदेश लगता है, लेकिन इसके पीछे की वजह विभाग में तेजी से बढ़ रही वरिष्ठ अधिकारियों की कमी और 31 जुलाई को होने वाले दो बड़े रिटायरमेंट हैं। यही कारण है कि सरकार को समय रहते पूरी प्रशासनिक व्यवस्था बदलनी पड़ी।
दो अहम पद खाली होने से पहले सरकार हुई सक्रिय
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ के प्रबंध संचालक अनिल साहू और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक प्रेम कुमार 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। दोनों संस्थानों में एमडी का पद पीसीसीएफ (Principal Chief Conservator of Forests) स्तर का माना जाता है। ऐसे में सरकार ने उनके रिटायर होने से पहले ही नई जिम्मेदारियां तय कर दीं, ताकि विभागीय कामकाज प्रभावित न हो। लिहाजा सात अफसरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है।
वन विभाग में अफसरों की भारी कमी
वन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के 195 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 153 अधिकारी ही कार्यरत हैं। यानी विभाग पहले से ही 42 अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है।
स्थिति और गंभीर इसलिए है क्योंकि मौजूदा अधिकारियों में से करीब 15 IFS अधिकारी केंद्र और अन्य राज्यों के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर तैनात हैं। इनमें अमरनाथ प्रसाद, प्रणीता पॉल, राजेश कल्लाजे, सोमा दास, विवेक आचार्य, राजू आगासिमानी, विश्वेश कुमार, जे. श्रीराम, सतोविशा समाजदार, विजया रात्रे, प्रियंका पांडेय, प्रणय मिश्रा और नायर विष्णु राज सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
30 साल की सेवा वाला अधिकारी नहीं, इसलिए प्रभारी व्यवस्था
वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों की उपलब्धता है। नियमों के अनुसार इस स्तर के पद पर नियुक्ति के लिए 30 वर्ष की सेवा पूरी होना आवश्यक है।
मौजूदा स्थिति में ओपी यादव के अलावा ऐसा कोई अधिकारी नहीं है, जिसने 30 वर्ष की सेवा पूरी की हो। यही वजह है कि सरकार को दोनों प्रमुख संस्थानों में नियमित नियुक्ति के बजाय प्रभारी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है।
वरिष्ठता के आधार पर तय हुई जिम्मेदारियां
विभागीय वरिष्ठता सूची में संजीता गुप्ता सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। उनके बाद अमरनाथ प्रसाद, प्रणीता पॉल और राजेश कल्लाजे का स्थान आता है।
हालांकि, अमरनाथ प्रसाद पहले से शासन में सचिव हैं, जबकि प्रणीता पॉल और राजेश कल्लाजे प्रतिनियुक्ति पर हैं। ऐसे में सरकार ने उपलब्ध अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण करते हुए नई पदस्थापनाएं की हैं।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
- संजीता गुप्ता (1997 बैच) – प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ
- अमरनाथ प्रसाद (1998 बैच) – सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा वन विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार
- एस. वेंकटाचलम (2005 बैच) – कार्यकारी संचालक, राज्य लघु वनोपज संघ
- अभिषेक कुमार सिंह (2009 बैच) – वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय
- गुरुनाथन एन. (2012 बैच) – मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व
- प्रणय मिश्रा (2013 बैच) – प्रभारी मुख्य वन संरक्षक एवं संचालक, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व
- रमेश कुमार जांगड़े (2013 बैच) – प्रभारी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम


















