रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदोन्नति और TET की अनिवार्यता को लेकर पहले से जारी खींचतान के बीच दुर्ग और सरगुजा संभाग से सामने आए दो अहम घटनाक्रम ने शिक्षकों की चिंता और बढ़ा दी है। एक तरफ दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय से पदोन्नति प्रस्ताव को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गई है, जिसमें TET की योग्यता को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
वहीं सरगुजा संभाग में TET उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रदर्शन के बीच संयुक्त संचालक ने वरिष्ठता सूची को लेकर बड़ा बयान दिया है।दोनों संभागों से सामने आई तस्वीर को देखें तो फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी विभागीय स्तर पर जारी है, लेकिन TET की अनिवार्यता का विवाद अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है।
दुर्ग JD की गाइडलाइन ने बढ़ाई शिक्षकों की टेंशन
दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक, शिक्षा ने 24 अगस्त 2026 को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पदोन्नति प्रस्ताव उपलब्ध कराने के संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2026 का हवाला देते हुए सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक (एलबी) और सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) से शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे अहम बात यह है कि दुर्ग संभाग की इस गाइडलाइन में TET को पदोन्नति प्रस्ताव की योग्यता के तौर पर स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।आदेश के मुताबिक सहायक शिक्षक/सहायक शिक्षक (एलबी) से शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए प्राथमिक स्तर TET तथा पूर्व माध्यमिक स्तर TET उत्तीर्ण होने की जानकारी जरूरी बताई गई है। वहीं सहायक शिक्षक विज्ञान से शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व माध्यमिक स्तर TET उत्तीर्ण होने के साथ स्नातक/प्रशिक्षित होने की योग्यता का उल्लेख किया गया है।यानी शिक्षकों के जिस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध और आंदोलन चल रहा है, दुर्ग संभाग की पदोन्नति गाइडलाइन में विभाग फिलहाल TET की शर्त से पीछे हटता नजर नहीं आ रहा है।
TET वाले कॉलम में उत्तीर्ण वर्ष भी अनिवार्य
दुर्ग JD के आदेश में सिर्फ TET उत्तीर्ण होने की जानकारी ही नहीं, बल्कि TET से संबंधित कॉलम में उत्तीर्ण वर्ष अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अलावा प्रस्ताव में व्यावसायिक योग्यता के तौर पर बीएड, डीएड/डीएलएड का स्पष्ट उल्लेख करने, 2022 से 2026 तक पांच वर्षों की गोपनीय चरित्रावली और कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदन का वर्गीकरण दर्ज करने तथा अचल संपत्ति विवरण की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पदोन्नति प्रस्ताव 1 अप्रैल 2026 की संभागीय अंतिम वरिष्ठता सूची को आधार बनाकर विषयवार तैयार करने को कहा गया है। संबंधित प्रस्ताव 7 सितंबर 2026 तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
अंग्रेजी, संस्कृत और गणित में TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों पर जोर
दुर्ग संभाग के आदेश के दूसरे पन्ने में विषयवार पदोन्नति के लिए वरिष्ठता क्रम का भी उल्लेख किया गया है। इसमें हिंदी विषय के लिए अंतिम क्रमांक 5520 तक और विज्ञान के लिए 6604 तक प्रस्ताव उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं अंग्रेजी, संस्कृत और गणित के लिए TET उत्तीर्ण सभी पात्रताधारी अभ्यर्थियों के प्रस्ताव विषयवार शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि वरिष्ठता सूची में दर्ज किसी सहायक शिक्षक की पदोन्नति के लिए सभी निर्धारित योग्यताएं पूरी हैं, लेकिन वरिष्ठता सूची में संबंधित जानकारी का उल्लेख नहीं है, तो भी पात्र शिक्षक का प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराया जाए।
सरगुजा में TET उत्तीर्ण शिक्षकों का प्रदर्शन
इधर सरगुजा संभाग में TET उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रदर्शन के बीच वरिष्ठता सूची को लेकर भी मामला गरमाया हुआ है। शिक्षकों की ओर से वरिष्ठता सूची जारी करने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए गए।
इसी बीच सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक का बयान सामने आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ विकासखंडों में वरिष्ठता सूची तैयार करने में देरी हुई, जिसके चलते निर्धारित 17 सितंबर की डेडलाइन प्रभावित हुई।हालांकि अब संयुक्त संचालक ने स्पष्ट किया है कि हर हाल में कल तक सभी विकासखंडों से वरिष्ठता सूची जारी कर दी जाएगी। यानी विभाग अब लंबित वरिष्ठता सूची की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की तैयारी में है।

एक तरफ प्रमोशन की तैयारी, दूसरी तरफ TET पर विरोध
पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या TET की अनिवार्यता के साथ ही पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी?दुर्ग संभाग के आदेश से तो फिलहाल यही संकेत मिल रहा है कि विभाग पदोन्नति प्रस्ताव तैयार करते समय TET योग्यता को अनिवार्य रूप से देख रहा है।
दूसरी ओर सरगुजा में TET उत्तीर्ण शिक्षकों का प्रदर्शन बताता है कि यह मुद्दा अभी भी शिक्षकों के बीच बेहद संवेदनशील है।शिक्षकों का एक बड़ा वर्ग पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों की पदोन्नति और सेवा सुरक्षा को TET की शर्त से अलग रखने की मांग कर रहा है। ऐसे में दुर्ग से जारी गाइडलाइन ने इस विवाद को और हवा दे दी है।
वरिष्ठता सूची भी बनी अहम कड़ी
पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया में वरिष्ठता सूची की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। दुर्ग संभाग ने जहां 1 अप्रैल 2026 की अंतिम संभागीय वरिष्ठता सूची के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं, वहीं सरगुजा में इसी वरिष्ठता सूची को लेकर देरी का मामला सामने आया है।ऐसे में शिक्षकों की निगाह अब दो चीजों पर टिकी हुई है—वरिष्ठता सूची कब तक पूरी तरह जारी होती है और TET की अनिवार्यता को लेकर सरकार आगे क्या रुख अपनाती है।
फिलहाल दुर्ग और सरगुजा से आए संकेत शिक्षकों के लिए राहत से ज्यादा चिंता बढ़ाने वाले हैं। एक तरफ पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ TET की अनिवार्य शर्त पर विभाग का रुख बरकरार दिखाई दे रहा है। अब शिक्षक संगठनों की अगली रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।




















