Jharkhand Weather Update। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए कई जिलों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली और भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग ने लोगों से बेहद सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
8 जिलों में रेड अलर्ट, भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, बेमेतरा और बालोद जिलों के कुछ क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों के दौरान तेज गर्जना, बिजली गिरने, भारी बारिश और तेज आंधी चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पहले से भी भीषण बारिश हो रही है। बारिश की वजह से अधिकांश जिलों का संपर्क कट गया है।
14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश के सूरजपुर, अंबिकापुर (सरगुजा), जशपुर, कांकेर, कोरिया, कोरबा, रायगढ़, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, राजनांदगांव, महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश और आंधी की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बस्तर संभाग के जिलों में येलो अलर्ट
नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
- बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों में न जाएं।
- पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
- तेज गर्जना के समय सुरक्षित भवन में शरण लें।
- अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- किसान और ग्रामीण क्षेत्र के लोग मौसम सामान्य होने तक खेतों में जाने से बचें।
पांच दिनों की बारिश से बांधों में बढ़ा जलस्तर
लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश के जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। बीते पांच दिनों में हुई वर्षा से बड़े, मध्यम और छोटे बांधों में औसत जल भंडारण करीब 52 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार राज्य के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रमुख जलाशयों की स्थिति इस प्रकार है—
- मिनीमाता बांगो जलाशय – 58.05%
- गंगरेल जलाशय – 46.67%
- तांदुला जलाशय – 43.93%
- दुधावा जलाशय – 72.74%
बारिश का यह दौर खेती और जल संरक्षण की दृष्टि से राहत भरा माना जा रहा है, हालांकि लगातार हो रही वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।










