धमतरी। जिले में शिक्षक से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। सरकारी सेवा में रहते हुए LIC एजेंट के रूप में काम करने की शिकायत पर जांच के बाद शिक्षा विभाग ने व्याख्याता गजेंद्र सिंह राजपूत का तबादला कर दिया। लेकिन शिक्षक के तबादले के विरोध में छात्राएं और कुछ अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने शिक्षक को दोबारा उसी स्कूल में पदस्थ करने की मांग की।
छात्राओं और अभिभावकों की मांग पर अब शिक्षा विभाग ने शिक्षक को फिर से उसी स्कूल मंर पदस्थ करने का निर्णय लिया है। मामला धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के दर्रा उच्चतर माध्यमिक शाला से जुड़ा है।
LIC एजेंट के तौर पर काम करने की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, व्याख्याता गजेंद्र सिंह राजपूत के खिलाफ सेवा संहिता के नियमों के विपरीत सरकारी नौकरी में रहते हुए LIC एजेंट के रूप में काम करने की शिकायत की गई थी। इस संबंध में लिखित शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई।
जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने के बाद विभाग ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका दर्रा स्कूल से कंडेल स्कूल तबादला कर दिया था।
शिक्षक के समर्थन में उतरीं छात्राएं
तबादले की जानकारी मिलने के बाद दर्रा स्कूल की छात्राओं और कुछ अभिभावकों ने इसका विरोध किया। वे जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे और शिक्षक को दोबारा दर्रा उच्चतर माध्यमिक शाला में पदस्थ करने की मांग की।
छात्राओं का कहना था कि गजेंद्र सिंह राजपूत स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं लेते थे और अंग्रेजी विषय को बेहतर तरीके से पढ़ाते थे। उनके मुताबिक, शिक्षक की पढ़ाई से विद्यार्थियों का अंग्रेजी विषय में स्तर बेहतर हुआ है। इसी वजह से छात्राएं उन्हें वापस उसी स्कूल में पदस्थ करने की मांग लेकर DEO कार्यालय पहुंचीं।
DEO ने कहा- शिकायत की जांच में हुई थी पुष्टि
जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने बताया कि व्याख्याता गजेंद्र सिंह राजपूत के खिलाफ कुछ गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इनमें मौखिक शिकायतों के साथ लिखित शिकायत भी शामिल थी। लिखित शिकायत में सरकारी सेवा में रहते हुए LIC एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया गया था।
DEO के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार जांच के आदेश दिए गए थे। जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद शिक्षक को कंडेल स्कूल में अटैच किया गया था। हालांकि, अब छात्राओं और अभिभावकों ने शिक्षक के तबादले का विरोध किया है। उनकी मांग को देखते हुए गजेंद्र सिंह राजपूत को दोबारा दर्रा स्कूल में पदस्थ करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षक के खिलाफ शिकायत, जांच के बाद तबादला और फिर छात्राओं के विरोध के बाद उसी स्कूल में पुनः पदस्थापना का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।



















