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CG: धमतरी.. पर्यटकों से गुलजार हुआ मुरूमसिल्ली जलाशय, करीब 100 साल पुराने बांध का सायफन सिस्टम,ऑटोमैटिक गेट खुलते ही नहर में छोड़ा जा रहा पानी; नजारा देखने उमड़े लोग

August 30, 2026 10:57 AM
धमतरी में मोडमसिल्ली जलाशय हुआ लबालब। डैम में पूरा शत प्रतिशत पानी भरा
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धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित ऐतिहासिक मुरूमसिल्ली जलाशय में लगातार बारिश के चलते जलस्तर बढ़ने लगा है। जलाशय में पर्याप्त जलभराव होते ही बांध का ऐतिहासिक सायफन स्पिलवे सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से एक्टिव हो गया और गेट खुलने के साथ ही अतिरिक्त पानी स्वयं नहर की ओर डिस्चार्ज होने लगा है, यह नजारा लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

दरअसल, बीते करीब दो दिनों से धमतरी जिले के कैचमेंट कइलाके में लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण जिले के सभी प्रमुख गंगरेल,सोंढूर और दुधावा जलाशयों में पानी की आवक बढ़ रही है। वहीं मुरूमसिल्ली जलाशय का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा और जलभराव की स्थिति बनने के बाद बांध में लगे सायफन सिस्टम ने काम करना शुरू कर दिया। सिस्टम के सक्रिय होते ही अतिरिक्त पानी स्वतः बाहर निकलने लगा।

रविवार को बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक।

बताया जा रहा है कि आज रविवार का दिन होने के कारण मुरूमसिल्ली बांध और आसपास की प्राकृतिक वादियों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बारिश के बाद घने जंगलों, हरियाली से घिरी पहाड़ियां, जलाशय में बढ़ता पानी और सायफन से निकलता पानी लोगों के लिए आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है। पर्यटक खूबसूरत नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते भी नजर आ रहे हैं।

करीब 100 साल पुराना है मुरूमसिल्ली बांध।

जानकारी के मुताबिक, मुरूमसिल्ली जलाशय को माडमसिल्ली बांध के नाम से भी जाना जाता है। यह धमतरी जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दक्षिण दिशा में,मुरूमसिल्ली-भोथापारा क्षेत्र के पास स्थित है। यह क्षेत्र जिले के वनांचल नगरी विकासखंड के अंतर्गत आता है,बताया जाता है कि इस बांध का निर्माण 1914 से 1923 के बीच ब्रिटिश शासनकाल में किया गया था। करीब एक सदी पुराने इस बांध का निर्माण मुख्य रूप से सिंचाई और जल प्रबंधन के उद्देश्य से किया गया था।

सायफन स्पिलवे है बांध की सबसे बड़ी खासियत।

मुरूमसिल्ली बांध की सबसे बड़ी विशेषता इसका सायफन स्पिलवे सिस्टम है। जलस्तर निर्धारित स्तर तक पहुंचने के बाद यह सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करता है। यही ऐतिहासिक तकनीक मुरूमसिल्ली बांध को देश ही नहीं, बल्कि एशिया की महत्वपूर्ण पुरानी जल संरचनाओं में विशेष पहचान दिलाती है,बारिश के मौसम में जब सायफन सिस्टम सक्रिय होता है और पानी तेज बहाव के साथ बाहर निकलता है, तो यह दृश्य देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं।

पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण।

ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ मुरूमसिल्ली बांध प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियां और जलाशय का मनोरम दृश्य इसे पर्यटन की दृष्टि से खास बनाता है। जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

बारिश के मौसम में मुरूमसिल्ली बांध का बदलता स्वरूप पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है और सायफन सिस्टम से पानी का डिस्चार्ज इस आकर्षण को और बढ़ा देता है।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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