दुर्ग। रक्षाबंधन के दिन खाकी का एक मार्मिक चेहरा सामने आया है। दुर्ग पुलिस ने खाकी वर्दी के साथ-साथ इंसानियत का फर्ज भी निभाया। कुम्हारी क्षेत्र में एक महिला जिंदगी से निराश होकर खारून नदी में कूदकर जान देने पहुंची थी। इसी दौरान हाईवे पेट्रोलिंग में तैनात पुलिस जवानों की नजर उस पर पड़ गई। जवानों ने समय रहते महिला को समझाइश देकर सुरक्षित बचा लिया। पुलिकर्मियों की सक्रियता से महिला की जान बच गयी।
नदी में कूदने पहुंची थी महिला
जानकारी के मुताबिक रायपुर की रहने वाली 45 वर्षीय महिला किसी वजह से मानसिक रूप से परेशान और जिंदगी से निराश थी। रक्षाबंधन के दिन वह कुम्हारी क्षेत्र में खारून नदी के पास पहुंची और नदी में कूदकर अपनी जान देने का प्रयास करने वाली थी।इसी दौरान हाईवे पेट्रोलिंग में तैनात आरक्षक शिशुपाल, कन्हैया सोनकर और इमामुद्दीन की नजर महिला पर पड़ी। जवानों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल उसके पास पहुंचकर उसे रोकने का प्रयास किया।
जवानों ने भाई बनकर समझाया
पुलिस जवान बार-बार महिला को समझाते रहे, लेकिन महिला अपनी जिंद पर जिद करती रही। लेकिन, महिला के साथ सख्ती करने के बजाय जवानों ने बेहद संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने महिला से बातचीत की, उसकी परेशानी सुनी और उसे समझाया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी जिंदगी खत्म करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।जवानों ने एक भाई की तरह महिला के आंसू पोंछे और उसे भरोसा दिलाया कि वह अकेली नहीं है। पुलिसकर्मियों की समझाइश और संवेदनशील व्यवहार से महिला शांत हुई और उसने आत्मघाती कदम उठाने का विचार छोड़ दिया।
सुरक्षित पति को सौंपा
महिला को सुरक्षित बचाने के बाद पुलिस जवानों ने उसके परिजनों से संपर्क किया। बाद में महिला को सकुशल उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया।रक्षाबंधन के दिन पुलिस जवानों की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि खाकी सिर्फ कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाती, बल्कि जरूरत पड़ने पर इंसानियत और रिश्तों का फर्ज भी निभाती है। समय पर पुलिस जवानों की नजर पड़ने और उनकी संवेदनशीलता से एक महिला की जिंदगी बच गई।
इस दौरान जवानों ने महिला के परिजनों को इस बात की भी ताकीद दी, कि वो महिला का ख्याल रखे। परिजनों ने भी भरोसा दिलाया है कि वो महिला का आगे से ख्याल रखेंगे। इस तरह रक्षाबंधन पर जवानों ने ना सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभायी, बल्कि एक भाई की भी जिम्मेदारी निभायी। पुलिस की इस कार्यशैली की हर तरफ तारीफ हो रही है।



















