GarIaband School Teacher Viral Video: शिक्षा के जिस मंदिर में पूजा होती है, जहां टेबल कुर्सी मां सरस्वती के वरदान स्वरूप किताब-कॉपी रखे जाते हैं, वहां आधुनिक शिक्षकों ने शराब की बोतलें औऱ अंडा वाला चखना सजा दिया। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला ये मामला सामने आया है। मैनपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) में दो शिक्षकों के स्कूल परिसर के भीतर कथित रूप से शराब पीने और चखना करने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में विभागीय जांच की तैयारी शुरू हो गई है।
स्कूल में शराब पार्टी: गरियाबंद में शिक्षकों ने स्कूल में ही खोल दिया बार, इंग्लिश दो पीते ही बोलने लगे…get out…get out from here@GajendraYdvBJP @cmoChhattisgarh @gariyaband pic.twitter.com/y9OXz3cXZW
— NEWS POST (@NEWSPOSTHINDI) August 1, 2026
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स्कूल में शराब पार्टी का VIDEO वायरल
जानकारी के अनुसार, स्कूल के शिक्षक मनोज कुमार भारद्वाज और कमल सिंह दीवान विद्यालय के कार्यालय में कथित रूप से शराब पीते और चखना करते दिखाई दिए। वीडियो में जिस मेज पर सामान्य दिनों में बच्चों की कॉपियां और रजिस्टर रखे जाते हैं, वहां कथित तौर पर शराब की बोतल और अंडा-चखना रखा नजर आ रहा है।इसी दौरान विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। आरोप है कि शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ और बच्चे बिना पढ़ाई के स्कूल में बैठे रहे।

सवाल पूछने पहुंचे लोग तो मिला ‘Get Out’ वाला जवाब
स्थानीय लोगों और मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर मामला और गरमा गया। आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर दोनों शिक्षक नशे की हालत में बहस करने लगे और अंग्रेजी में “Get Out… Get Out From Here” कहते हुए बाहर जाने को कहा। वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा है। स्थानीय लोगों ने जब उनसे ये पूछा कि आपलोग स्कूल में शराब पी रहे हैं, तो जवाब शिक्षकों ने दिया, ये उनका स्कूल है, वो जो चाहें मर्जी करें। यही नहीं जिस वक्त ये शिक्षक जाम झलका रहे थे, उस वक्त बच्चे भी मौजूद थे। ये बच्चे शिक्षकों की शराबखोरी के दौरान मैदान में खेलकूद कर रहे थे।

तीन शिक्षक छुट्टी पर, दो पर गंभीर आरोप
बताया जा रहा है कि घटना के समय विद्यालय के तीन शिक्षक अवकाश पर थे। वहीं मौजूद दो शिक्षकों पर आरोप है कि वे बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल कार्यालय में शराब पार्टी कर रहे थे। यह भी आरोप है कि दोनों निर्धारित ड्रेस कोड के बजाय टी-शर्ट और कार्गो जींस पहनकर स्कूल पहुंचे थे।

जांच के बाद होगी कार्रवाई
फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है। यदि वीडियो और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा का मंदिर या ‘बार’?
स्कूल वह जगह है जहां बच्चे अक्षर ज्ञान के साथ संस्कार भी सीखते हैं। जिस मेज पर मां सरस्वती का स्मरण कर किताबें रखी जाती हैं, यदि उसी मेज पर शराब की बोतल और चखना सज जाए, तो यह सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तक नहीं पढ़ाते, बल्कि अपने आचरण से भी बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं। यदि गुरु ही अनुशासन की सीमा लांघने लगें तो बच्चों को नैतिकता का पाठ कौन पढ़ाएगा?
छत्तीसगढ़ में पहले भी शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षकों के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन यदि किसी स्कूल को ही कथित तौर पर शराब पार्टी का अड्डा बना दिया जाए, तो यह शिक्षा विभाग के लिए चेतावनी है कि अब केवल नोटिस नहीं, बल्कि उदाहरण बनने वाली कार्रवाई की जरूरत है।



















