CG Paper Leak 2026: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना से हड़कंप मच गया। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र लीक की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच समिति गठित करने और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग की तरफ से भी पूरे मामले में गंभीरता से जांच हो रही है।
परीक्षा से पहले मिली पेपर लीक की सूचना
जानकारी के अनुसार बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी। परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली।सुबह करीब 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने करीब 10:30 बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया।प्रशासन की इस कार्रवाई के कारण परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब निरस्त परीक्षा के लिए नई तारीख तय की जाएगी।
कृषि मंत्री नेताम ने दिखाई सख्ती
मामले की जानकारी मिलते ही कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रश्नपत्र लीक करने या इसमें किसी भी तरह की भूमिका निभाने वाले लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने को कहा।
मंत्री के निर्देशों के बाद मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।मंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना बेहद गंभीर है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
5 सदस्यीय समिति करेगी मामले की जांच
घटना की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति प्रश्नपत्र लीक होने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी।जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि प्रश्नपत्र किस स्तर पर लीक हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। दोषियों की जिम्मेदारी तय होने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय स्तर पर होती है प्रश्नपत्र की सेटिंग और छपाई
इस मामले में जांच का दायरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की सेटिंग और छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर ही की जाती है। इसके बाद प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं।ऐसे में प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर संबंधित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। जांच समिति यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि प्रश्नपत्र किस स्तर पर और किस तरह बाहर पहुंचा।
विद्यार्थियों के हित में जल्द तय होगी नई परीक्षा तारीख
प्रश्नपत्र लीक की सूचना के बाद परीक्षा रद्द होने से प्रभावित विद्यार्थियों को अब नई परीक्षा तारीख का इंतजार है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।निरस्त परीक्षा की नई तारीख जल्द निर्धारित करने की प्रक्रिया की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी जानकारी समय पर दी जाएगी।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
कृषि मंत्री ने साफ किया है कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं से विद्यार्थियों की मेहनत और परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित होती है।
इसी वजह से मामले में FIR के साथ जांच समिति गठित की गई है। अब जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे कौन जिम्मेदार है और किस स्तर पर लापरवाही हुई।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच समिति मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। विद्यार्थियों को नई परीक्षा तारीख की आधिकारिक सूचना जारी होने का इंतजार है।



















