जांजगीर :दिल को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना में जांजगीर-चांपा जिले के मुरलीडीह गांव की तीन मासूम सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार को जब तीनों मासूमों के शव उनके पैतृक गांव पहुंचे, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। एक साथ उठी तीन मासूम बेटियों की अंतिम यात्रा देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा और परिजनों समेत पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
सबसे मार्मिक और भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब तीनों बहनों को एक ही कब्र में दफन कर अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद मंजर को देखकर वहां मौजूद हर ग्रामीण स्तब्ध रह गया। आपको बता दें कि फूड प्वाइजनिंग के बाद तीनों बहनों की जान चली गयी थी।
पीथमपुर से पैतृक गांव मुरलीडीह लाए गए शव
मृत बच्चियों की पहचान 10 वर्षीय आशी, 8 वर्षीय विधिका और 6 वर्षीय विधि के रूप में हुई है। बच्चियों के पिता नरेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के पीथमपुर स्थित एक निजी कंपनी में मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं।परिजनों के अनुसार, पूरे परिवार ने दिन में सामान्य भोजन (दाल, चावल, रोटी और सब्जी) किया था। इसके बाद रात में अचानक तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। स्थिति गंभीर होती देख परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद 25 अगस्त की रात दो बच्चियों (आशी और विधिका) की मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से बीमार तीसरी बच्ची (विधि) को इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर इटारसी के अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ 26 अगस्त को उसने भी दम तोड़ दिया।28 अगस्त को जब तीनों बहनों के पार्थिव शरीर मुरलीडीह गांव पहुंचे, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
परिजनों ने जताया संदेह, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का मामला हो सकता है। हालांकि, मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।एक ही हंसते-खेलते परिवार की तीनों मासूम चिड़ियों का इस तरह असमय चले जाना न केवल परिजनों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक कभी न भरने वाला गहरा घाव दे गया है।



















