जशपुर। छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति में TET की अनिवार्यता और सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का मुद्दा अब आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जशपुर जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि TET को लेकर सरकार अपना रुख स्पष्ट करे, वरना आने वाले दिनों में शिक्षकों के आंदोलन को रोक पाना मुश्किल होगा।
अजय गुप्ता ने बताया कि 22 अगस्त को जशपुर जिले के सभी आठ विकासखंडों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 29 अगस्त को जिला स्तर पर आंदोलन होगा और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर 9 सितंबर को जशपुर और दुर्ग में शिक्षक सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा निकाली जाएगी।
22 अगस्त को जशपुर के आठों ब्लॉक में हल्ला बोल
अजय गुप्ता ने कहा कि 22 अगस्त को जशपुर जिले के पत्थलगांव, कांसाबेल, बगीचा, मनोरा, जशपुर, दुलदुला, फरसाबहार और कुनकुरी विकासखंडों में शिक्षक एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिले के ऐसे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक, जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है, बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
अजय गुप्ता ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सरकार तक शिक्षकों की समस्याओं को स्पष्ट और मजबूती के साथ पहुंचाना है। उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से 22 अगस्त के प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की।
आंदोलन का नेतृत्व संबंधित ब्लॉक अध्यक्ष करेंगे—
- पत्थलगांव — संतोष जाटव
- कांसाबेल — प्रेमशंकर यादव
- बगीचा — पूरेंद्र यादव
- मनोरा — महेंद्र सिंह
- जशपुर — संजय बैग
- दुलदुला — दीपक मार्टिन
- फरसाबहार — नरेश यादव
- कुनकुरी — भरत यादव
पदोन्नति में TET की अनिवार्यता पर नाराजगी
जशपुर जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि सेवारत शिक्षकों के लिए TET पात्रता जरूरी की जा रही है, तो सरकार को पात्रता हासिल करने के लिए पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध कराने चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि “जब समय पर TET परीक्षा ही नहीं होगी, तो शिक्षक पात्रता कैसे हासिल करेंगे?”
अजय गुप्ता ने मांग की कि पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए और सेवारत शिक्षकों के हित में सरकार स्पष्ट नीति बनाए।
सेवा सुरक्षा को लेकर भी सरकार को चेताया
अजय गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक वर्षों से पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं। सरकार शिक्षकों से कर्तव्य और जिम्मेदारी की अपेक्षा करती है, तो उनके भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार को उठानी होगी।
उन्होंने कहा कि सेवा सुरक्षा सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि शिक्षकों के सम्मान, परिवार और भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। सरकार को इस मामले में तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए ठोस निर्णय लेना चाहिए।
सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति भी बनेगा आंदोलन का प्रमुख मुद्दा
अजय गुप्ता ने कहा कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करना भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि यह मांग पहले से ही ‘मोदी की गारंटी’ में शामिल मांगों से जुड़ी है, इसलिए अब इसे भी पूरी ताकत के साथ सरकार के सामने उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, TET और वेतन विसंगति जैसे मुद्दे सीधे तौर पर शिक्षकों के भविष्य और सम्मान से जुड़े हैं। इसलिए इन मांगों पर सरकार को अब स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
29 अगस्त को जिला स्तर पर प्रदर्शन, 9 सितंबर को न्याय पदयात्रा
अजय गुप्ता ने बताया कि आंदोलन केवल ब्लॉक स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। 29 अगस्त को जिला स्तर पर प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद भी यदि सरकार की ओर से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 9 सितंबर को जशपुर और दुर्ग में शिक्षक सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा निकाली जाएगी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और सरकार को शिक्षकों की मांगों पर निर्णय लेने का अवसर दिया जा रहा है। लेकिन अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और व्यापक होगा।
‘अब चुप बैठने का समय नहीं’
अजय गुप्ता ने प्रदेश के शिक्षकों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक संगठन या कुछ लोगों की लड़ाई नहीं है। यह प्रदेश के सेवारत शिक्षकों के भविष्य, सम्मान और सेवा सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने कहा, “अब समय चुप बैठने का नहीं है। शिक्षक अपने भविष्य और सेवा सुरक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ संघर्ष करेंगे। सरकार को शिक्षकों की आवाज सुननी ही होगी।”
अजय गुप्ता ने 22 अगस्त के आंदोलन को सफल बनाने के लिए जशपुर जिले के सभी आठ विकासखंडों के शिक्षकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।



















