Health Department News। शिक्षा विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में भी अटैचमेंट खत्म किया जा रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट का मुद्दा एक बार विधानसभा में भी उठा, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में ही घोषणा की थी, कि गलत तरीके से हुए अटैचमेंट को रद्द किया जायेगा। नया आदेश कसडोल स्वास्थ्य विभाग का सामने आया है। जहां लंबे समय से चर्चा में रहे संलग्नीकरण (अटैचमेंट) के मामले में आखिरकार प्रशासन हरकत में आ गया है।
करीब चार महीने पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा जारी आदेश पर अब अमल शुरू करते हुए 43 स्वास्थ्य कर्मचारियों का अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनकी मूल पदस्थापना पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) द्वारा जारी आदेश में सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने मूल कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चार महीने तक लंबित रही कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, अटैचमेंट समाप्त करने का आदेश कई महीने पहले जारी किया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से उस पर अमल नहीं हो सका। इस देरी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। अब विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे लंबे समय से चली आ रही संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विभाग की सख्ती, सभी की नजर पालन पर
स्वास्थ्य विभाग के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सभी 43 कर्मचारी समय-सीमा के भीतर अपनी मूल पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करेंगे और क्या विभाग इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कर पाएगा।
यदि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो स्वास्थ्य संस्थानों में मूल पदस्थापना के अनुसार कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में भी सुधार आने की संभावना है। फिलहाल इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग और कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।


















