Police Suspend। ब्लैकमेल कर वसूली करने वाले दो पुलिसकर्मियों की छुट्टी हो गयी है। एसपी ने शिकायत सही पाये जाने पर दो कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामला कोरबा जिले के कटघोरा थाने का है। जहां पदस्थ दो आरक्षकों पर अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है।
आरक्षकों के खिलाफ वसूली की शिकायत प्राथमिक जांच में सही पाया गया। प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरक्षक प्रदीप राठौर और रामधन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों का मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान रक्षित केंद्र, कोरबा निर्धारित किया गया है।
एसपी को हुई थी शिकायत
प्राथमिक जांच में दोनों आरक्षकों की कार्यशैली को सेवा संहिता के खिलाफ पाया गया। मामले की शिकायत को एसपी ने काफी गंभीरता से लिया। दोनों आरक्षकों की कार्यशैली को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, संदिग्ध आचरण, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता माना गया। पुलिस विभाग के अनुसार 4 अगस्त 2026 को एक शिकायतकर्ता ने लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि कटघोरा थाना के पुलिसकर्मियों ने उसे अवैध रूप से थाने में बैठाकर उसके परिजनों से पैसे वसूले।
शिकायत में यह भी कहा गया कि उसकी मोटरसाइकिल को बिना किसी वैधानिक कार्रवाई या जब्ती प्रक्रिया के थाने में रखा गया और परिजनों पर दबाव बनाकर रकम ली गई। एसपी की करायी जांच में आरक्षकों के खिलाफ की गयी सभी शिकायतें सही पायी गयी। जिसकी रिपोर्ट एसपी को दी गयी।
एसडीओपी की जांच में सामने आए गंभीर तथ्य
दरअसल इस मामले में शिकायत को लेकर कोरबा पुलिस अधीक्षक ने एसडीओपी कटघोरा से प्राथमिक जांच कराई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता, अन्य संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।जांच रिपोर्ट में पाया गया कि आरक्षक क्रमांक 747 प्रदीप राठौर और आरक्षक क्रमांक 529 रामधन पटेल, जो घटना के समय सादे कपड़ों में थे, ने बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए मोटरसाइकिल थाने में रखी और शिकायतकर्ता के परिजनों से अनुचित तरीके से पैसे प्राप्त किए।
एसपी ने जारी किया सस्पेंशन आर्डर
एसडीपीओ ने बिंदुवार जांच रिपोर्ट एसपी को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने 5 अगस्त 2026 की अपराह्न से दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, कोरबा रहेगा। विभागीय नियमों के अनुसार उन्हें निलंबन अवधि में अनुषांगिक भत्ते देय होंगे।पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुशासित बल में कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अवैध वसूली जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



















