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SAS Exam Result Cancelled: छत्तीसगढ़ SAS परीक्षा 2017 का रिजल्ट रद्द, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; नए सिरे से होगी परीक्षा

SAS Exam Result Cancelled: बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा (SAS) 2017 परीक्षा का रिजल्ट और 2024 का आपत्ति निरस्तीकरण आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट सिलेबस जारी कर नए सिरे से परीक्षा कराने के निर्देश दिए।

July 31, 2026 5:32 AM
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में विभागीय परीक्षा को लेकर अहम फैसला दिया है। शासकीय कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए Subordinate Accounts Service (SAS) Departmental Exam 2017 को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए 20 दिसंबर 2017 को घोषित परिणाम को निरस्त कर दिया है।

साथ ही 22 नवंबर 2024 को जारी आपत्ति निरस्तीकरण आदेश को भी रद्द कर दिया गया है।हाईकोर्ट ने राज्य के वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि पहले स्पष्ट और अधिसूचित सिलेबस जारी किया जाए, पात्र कर्मचारियों को पर्याप्त तैयारी का समय दिया जाए और उसके बाद ही नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाए।

क्या था पूरा मामला?

वित्त विभाग ने अप्रैल 2017 में विभागीय पदोन्नति के लिए छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा (SAS) भाग-2 परीक्षा का विज्ञापन जारी किया था। परीक्षा में शामिल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई प्रश्न विज्ञापित सिलेबस से बाहर पूछे गए।

याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना था कि परीक्षा से ठीक पहले जारी एडमिट कार्ड के माध्यम से एक नया विषय जोड़ दिया गया, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। इसे प्राकृतिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांतों के विपरीत बताया गया।इन्हीं आधारों पर अमर सिंह बिसेन, दिनेश कुमार सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया।कोर्ट ने कहा कि यदि परीक्षा का सिलेबस पहले से स्पष्ट नहीं होगा या अंतिम समय में उसमें बदलाव किया जाएगा, तो यह अभ्यर्थियों के साथ न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि विभागीय परीक्षाओं में सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिलना संवैधानिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से आवश्यक है।

किन आदेशों को किया गया रद्द?

हाईकोर्ट ने दो महत्वपूर्ण आदेश निरस्त किए हैं—

  • 20 दिसंबर 2017 को घोषित SAS परीक्षा परिणाम।
  • 22 नवंबर 2024 को जारी आपत्ति निरस्तीकरण आदेश।

कोर्ट ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया ही त्रुटिपूर्ण रही, इसलिए उसके आधार पर जारी परिणाम और बाद के आदेश भी टिक नहीं सकते।

अब क्या होगा?

हाईकोर्ट ने वित्त विभाग को नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं—

  • पहले संशोधित और स्पष्ट सिलेबस अधिसूचित किया जाए।
  • सभी पात्र कर्मचारियों को पर्याप्त तैयारी का समय दिया जाए।
  • परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप कराई जाए।

हजारों कर्मचारियों के लिए राहत

इस फैसले से उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने वर्षों से परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। नई परीक्षा होने पर सभी पात्र कर्मचारियों को समान और निष्पक्ष अवसर मिलेगा। कर्मचारियों का आरोप था कि बिना सिलेबस के सवाल पूछा गया, जो कर्मचारियों के लिए बिल्कुल भी नया था।

क्यों अहम है यह फैसला?

हाईकोर्ट का यह निर्णय सिर्फ SAS परीक्षा तक सीमित नहीं है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी विभागीय परीक्षा में पारदर्शिता, पूर्व घोषित सिलेबस और समान अवसर से समझौता नहीं किया जा सकता।यदि परीक्षा प्रक्रिया में मनमाने बदलाव किए जाते हैं या अभ्यर्थियों के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो ऐसी प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा के दायरे में आएगी।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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