School Student News: 47 स्कूली बच्चियों के बीमार होने के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। जहां दो महिला अधिकारी को तत्काल पद से मुक्त कर दिया गया है, दो शिक्षिकाओं को नयी जिम्मेदारी दी गयी है। मामला सुकमा जिले के पोटाकेबिन और शासकीय आश्रमों में अव्यवस्था और लापरवाही से जुड़ा है, जहां जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
दरअसल पोलमपल्ली बालिका पोटाकेबिन में उल्टी, दस्त और बुखार के कारण 47 छात्राओं के बीमार पड़ने के मामले में कलेक्टर के निर्देश के बाद गाज गिरी है। पोलमपल्ली पोटाकेबिन की अधीक्षिका पदमलता मौर्य को तत्काल प्रभाव से प्रभार से मुक्त कर दिया गया है तथा सहायक शिक्षक वैजयंती चंद्रा को नया प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने पर गंजेनार कन्या आश्रम की अधीक्षिका जसबती मांझी को पद से हटाते हुए आशाकली (सहायक शिक्षक) को प्रभार दिया गया है।
प्रशासन ने कोंटा और छिंदगढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को भी निरीक्षण और पर्यवेक्षण में कमी के लिए कारण बताओ (शोकॉज़) नोटिस जारी किया है।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें
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स्वास्थ्य संकट: पोलमपल्ली पोटाकेबिन (विकासखंड कोंटा) में 47 बच्चे उल्टी-दस्त से पीड़ित हुए। स्वास्थ्य विभाग दोरनापाल द्वारा 28 और 29 अगस्त 2026 को स्वास्थ्य शिविर लगाकर इलाज किया गया।
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कलेक्टर का दौरा: कलेक्टर ने 29 अगस्त 2026 को खुद संस्था का निरीक्षण किया और कमियां पाए जाने पर कार्रवाई की।
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तीन सदस्यीय जांच समिति: पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए अधिकारियों की 3 सदस्यीय टीम गठित की गई है।
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सैंपलिंग और स्वच्छता: पीएचई (PHE) विभाग ने पानी का सैंपल और फूड विभाग ने भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। 2 नए वाटर फिल्टर लगाए गए हैं तथा उबला हुआ पानी दिया जा रहा है।
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गंजेनार आश्रम मामला: शासकीय कन्या आश्रम गंजेनार में भवन मरम्मत का काम अधूरा रहने के बावजूद इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। आश्रम का संचालन फिलहाल मरकामपारा (सुकमा) छात्रावास में शिफ्ट कर दिया गया है।
विस्तृत प्रशासनिक अवलोकन एवं जांच रिपोर्ट
1. प्रकरण-1: पोटाकेबिन एवं आर.एम.एस.ए. छात्रावास पोलमपल्ली (विकासखंड कोंटा)
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घटना का विवरण: पोलमपल्ली स्थित आवासीय विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्राओं में उल्टी एवं दस्त (ফুड पॉइज़निंग / दूषित जल जनित बीमारी) की शिकायत दर्ज की गई।
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स्वास्थ्य एवं राहत कार्य:
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कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग दोरनापाल द्वारा 28.08.2026 एवं 29.08.2026 को विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर सभी बच्चों की डॉक्टरी जांच व उपचार किया गया।
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संस्था में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव एवं संपूर्ण सैनिटाइजेशन कराया गया है।
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प्रशासनिक कार्रवाई:
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29.08.2026 को कलेक्टर द्वारा स्वयं निरीक्षण के दौरान पाई गई घोर लापरवाहियों के लिए श्रीमती पदमलता मौर्य (अधीक्षिका) को प्रभार से मुक्त किया गया।
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सुश्री वैजयंती चंद्रा (सहायक शिक्षक) को नया अधीक्षिका प्रभार दिया गया।
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मामले की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय अधिकारी टीम गठित की गई है।
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विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कोंटा को निरीक्षण न करने व निगरानी में चूक हेतु स्पष्टीकरण/शोकॉज़ नोटिस जारी किया गया है।
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सुधारात्मक उपाय:
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संस्था में 2 नए वाटर फिल्टर स्थापित किए गए हैं।
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बच्चों को केवल नियमित रूप से उबला एवं ठंडा किया गया पानी देने के निर्देश दिए गए हैं।
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हाथ धोने (Handwash) और बर्तन धोने के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं।
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PHE विभाग द्वारा पेयजल तथा खाद्य विभाग द्वारा भोजन सामग्री के सैंपल लैब टेस्ट हेतु भेजे गए हैं।
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शासकीय कन्या आश्रम / छात्रावास गंजेनार (विकासखंड छिंदगढ़)
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घटना का विवरण: गंजेनार कन्या आश्रम का भवन मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण नहीं हुआ था। इसके बावजूद अधीक्षिका द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी गई, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी।
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विद्यार्थियों की स्थिति का खुलासा:
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आवासीय विद्यालय की कुल 50 पंजीकृत छात्राओं में से केवल 13 छात्राएं प्राथमिक शाला गंजेनार में नियमित आ रही थीं।
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शेष 37 छात्राएं (जो दूर-दराज के गांवों की थीं) अपने-अपने गांवों जैसे— उरमापाल, भोपावाड़ा, मेखावाया, कुन्दनपाल, अन्दुमपाल, कोडरीपाल, चौपेल, पोन्दुम, किकिरपाल एवं तुमकापाल की प्राथमिक शालाओं में भटकने को मजबूर थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई:
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जस बती मांझी (अधीक्षिका) को पद से पृथक कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Enquiry) संस्थित की गई है।
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आशाकली (सहायक शिक्षक) को नया प्रभार सौंपा गया है।
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विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) छिंदगढ़ से निरीक्षण में लापरवाही पर जवाब-तलब (स्पष्टीकरण) किया गया है।
अस्थायी व्यवस्था:
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जब तक गंजेनार आश्रम भवन का मरम्मत कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक आश्रम का संचालन एवं अध्यापन कार्य सुकमा स्थित मरकामपारा छात्रावास भवन में अस्थायी रूप से स्थानांतरित (Shift) कर दिया गया है।
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जिले के समस्त पोटाकेबिनों हेतु विशेष निर्देश
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जिला प्रशासन ने जिले के सभी पोटाकेबिनों और छात्रावासों में जिला स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।
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अगले दो दिवस (48 घंटे) के भीतर सभी छात्रावासों का निरीक्षण कर पेयजल, भोजन, स्वच्छता एवं आवास संबंधी सुविधाओं की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


















