बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर चल रही कवायद के बीच अब TET के साथ संबंधित पद की निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की जांच का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। हाईकोर्ट अधिवक्ता गोविंद देवांगन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को नोटिस जारी किए जाने के बाद विभागीय स्तर पर जारी होने वाले पदोन्नति संबंधी निर्देशों में योग्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अधिवक्ता गोविंद देवांगन ने 17 अगस्त 2026 को स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और DPI संचालक को नोटिस भेजकर मांग की थी कि प्रदेशभर में पदोन्नति के लिए केवल उन्हीं शिक्षकों के नामों पर विचार किया जाए, जो फीडर कैडर के पद और प्रमोशनल पद—दोनों के लिए निर्धारित योग्यता रखते हों। नोटिस में यह भी कहा गया था कि प्राथमिक स्तर (पेपर-1) और उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर-2) की TET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों को ही कक्षा आठवीं तक की पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
नोटिस में TET के साथ योग्यता का भी मुद्दा
गोविंद देवांगन ने अपनी नोटिस में NCTE की निर्धारित न्यूनतम योग्यता और सुप्रीम कोर्ट के Anjuman Ishaat-E-Taleem Trust बनाम State of Maharashtra मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया है। नोटिस में कहा गया है कि TET की अनिवार्यता केवल प्रारंभिक नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पदोन्नति के लिए भी TET योग्यता आवश्यक है।
नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि सेवा में कार्यरत ऐसे शिक्षक जो पदोन्नति चाहते हैं, उन्हें TET उत्तीर्ण करना होगा। खास तौर पर पांच वर्ष से कम सेवा शेष रहने वाले शिक्षक भी यदि पदोन्नति चाहते हैं तो उनके लिए TET उत्तीर्ण होना जरूरी बताया गया है।
‘जिस पद पर हैं, उसकी योग्यता भी होनी चाहिए’
अधिवक्ता की नोटिस का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू केवल TET नहीं, बल्कि जिस पद पर शिक्षक वर्तमान में कार्यरत है, उस पद के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता से जुड़ा है।नोटिस में आरोप लगाया गया है कि कुछ शिक्षक ऐसे हैं, जो वर्तमान फीडर कैडर के पद के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता पूरी नहीं करते, लेकिन उन्हें पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
नोटिस में विभाग से ऐसे मामलों में भी योग्यता की जांच करने और NCTE द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता के अनुरूप ही आगे की प्रक्रिया बढ़ाने की मांग की गई है।अधिवक्ता ने यह भी मांग की कि पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले दोनों TET परीक्षाओं में उत्तीर्ण शिक्षकों का डेटा और वर्तमान पद की न्यूनतम योग्यता रखने वाले शिक्षकों का रिकॉर्ड जुटाया जाए।
नोटिस के बाद विभागीय आदेश में दस्तावेजों पर जोर
अब 20 अगस्त 2026 को संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर की ओर से जारी पदोन्नति संबंधी पत्र में भी योग्यता से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
पत्र में सहायक शिक्षक से शिक्षक पद (टी संवर्ग) पर पदोन्नति के लिए संबंधित जिलों से प्रस्ताव और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसमें ऐसे सहायक शिक्षकों के प्रस्ताव शामिल करने की बात कही गई है, जिन्होंने शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित अर्हता पूरी कर ली है और प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET/CTET) उत्तीर्ण कर ली है।
Skip to PDF contentअब मार्कशीट से लेकर TET प्रमाणपत्र तक मांगे जा रहे
विभागीय पत्र में पदोन्नति प्रस्ताव के साथ प्रत्येक शिक्षक की अलग-अलग फाइल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें संबंधित विषय में स्नातक की मार्कशीट और सर्विस बुक में दर्ज योग्यता की प्रमाणित प्रति, व्यावसायिक योग्यता की मार्कशीट एवं सर्विस बुक में दर्ज विवरण की प्रति तथा यदि योग्यता सेवा में आने के बाद अर्जित की गई है तो सक्षम अधिकारी से प्राप्त परीक्षा अनुमति की प्रति मांगी गई है।
इसके अलावा प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET/CTET) उत्तीर्ण होने के प्रमाण पत्र की प्रति भी अनिवार्य दस्तावेज के रूप में मांगी गई है।
यानी पदोन्नति प्रस्ताव अब केवल वरिष्ठता या TET के आधार पर आगे बढ़ाने के बजाय संबंधित शिक्षक की शैक्षणिक योग्यता, व्यावसायिक योग्यता और TET/CTET प्रमाणपत्र के दस्तावेजों के साथ भेजने पर जोर दिखाई दे रहा है।
परिवीक्षा अवधि पूरी नहीं तो नहीं भेजें प्रस्ताव
संभागीय संयुक्त संचालक के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन सहायक शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं हुई है, उनका पदोन्नति प्रस्ताव नहीं भेजा जाए। साथ ही निर्धारित अवधि की गोपनीय चरित्रावली और अचल संपत्ति विवरण को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित प्रारूप में पदोन्नति प्रस्ताव तथा संबंधित दस्तावेजों की अलग-अलग फाइल तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
धमतरी, बलौदाबाजार समेत जिलों को समय-सीमा
रायपुर संभाग के जिलों से दस्तावेज मंगाने के लिए समय-सीमा भी तय की गई है। पत्र में धमतरी और बलौदाबाजार के लिए 27 अगस्त 2026, जबकि गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर के लिए 31 अगस्त 2026 तक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
Skip to PDF contentप्रमोशन प्रक्रिया में बढ़ सकती है दस्तावेजों की जांच
दोनों दस्तावेजों को साथ रखकर देखें तो शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आता है। अधिवक्ता गोविंद देवांगन की नोटिस में जहां विभाग से यह सुनिश्चित करने की मांग की गई थी कि TET के साथ फीडर और प्रमोशनल दोनों पदों की निर्धारित योग्यता रखने वाले शिक्षकों को ही पदोन्नति में शामिल किया जाए, वहीं इसके बाद जारी विभागीय पत्र में पदोन्नति प्रस्ताव के साथ संबंधित योग्यता और TET/CTET के प्रमाणपत्रों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
नोटिस के तीन दिन बाद जारी विभागीय पदोन्नति पत्र में योग्यता और TET/CTET से जुड़े प्रमाणपत्रों को प्रस्ताव के साथ मांगना इस पूरे मामले में खासा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
अब देखना होगा कि प्रदेश के अन्य संभागों और जिलों में भी पदोन्नति प्रक्रिया के दौरान इसी तरह TET के साथ वर्तमान पद और पदोन्नति वाले पद की निर्धारित योग्यता की जांच की जाती है या नहीं। यदि यह व्यवस्था प्रदेशभर में लागू होती है, तो पदोन्नति की प्रक्रिया में पात्रता की जांच पहले की तुलना में अधिक सख्त हो सकती है।


















