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छत्तीसगढ़ का शिक्षा विभाग तो कछुआ से भी सुस्त है, 17 साल लग गये अफसरों को ये पता लगाने में कि शिक्षक के दो बच्चे हैं या चार? अब मास्टर साहब सस्पेंड

June 26, 2026 9:29 AM
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Chhattisgarh Teacher Suspend: छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग का हाल तो गजब है। 17 साल तक  अफसर को मालूम ही नहीं  चला कि शिक्षक को दो बच्चे नहीं, चार बच्चे हैं। अब जब बच्चों की शादी हो गयी, बच्चों के भी बच्चे हो गये, तब विभाग जागा है। हैरान करने वाला ये मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की है, जहां नियुक्ति नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने एक सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जांच में 17 साल बाद अफसरों को ये मालूम चला है कि शिक्षक की नियुक्ति के समय प्रभावी पात्रता नियमों का उल्लंघन किया गया था। मतलब पंचायत में शिक्षक नियुक्ति को लेकर दो संतान का जो नियम था, दरअसल आरोपी शिक्षक ने उसकी गलत जानकारी दी थी। नौकरी के वक्त शिक्षक के दो नहीं, बल्कि चार बच्चे थे।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हंसराज सिंह, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला बुड़ाटांड़, विकासखंड वाड्रफनगर के खिलाफ प्राप्त शिकायत की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों, सेवा पुस्तिका, प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन तथा संबंधित कर्मचारी के बयान का परीक्षण किया गया।

नियुक्ति से पहले थीं चार संतानें, नियमों के खिलाफ मिली नौकरी

जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य प्रमाणित हुआ कि शिक्षक की नियुक्ति 30 मई 2009 से पहले उनकी चार संतानें थीं। वहीं उनकी तीन संतानें 26 जनवरी 2001 के बाद जन्मी थीं। उस समय प्रभावी नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी सरकारी नियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जाता था।शिक्षा विभाग ने इसे नियुक्ति की मूल पात्रता और सेवा में प्रवेश की वैधता से जुड़ा गंभीर मामला माना है।

विभागीय कार्रवाई भी होगी

आदेश में कहा गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षक के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित है।

तत्काल प्रभाव से निलंबन

विभागीय जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने हंसराज सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है।

नियमों के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।

  • शिकायत के बाद हुई प्रारंभिक जांच।
  • नियुक्ति के समय पात्रता नियमों के उल्लंघन की पुष्टि।
  • चार संतान होने के बावजूद नियुक्ति मिलने का आरोप।
  • सहायक शिक्षक हंसराज सिंह निलंबित।
  • विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।
  • निलंबन अवधि में मुख्यालय शंकरगढ़ निर्धारित।

 

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