रायपुर। छत्तीसगढ़ में TET की अनिवार्यता को लेकर चल रहे शिक्षक आंदोलन के बीच सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन को बड़ी सफलता मिली है। प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी और 27 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया है।
फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल आज देर शाम मुख्यमंत्री से मुलाकात कर TET की अनिवार्यता, शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, प्रमोशन में TET की बाध्यता और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों पर चर्चा करेगा।
शिक्षकों के बीच मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत के लिए बुलाए जाने को आंदोलन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब 27 अगस्त से आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप देने की तैयारी थी, सरकार की ओर से सीधी बातचीत की पहल ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
मुख्यमंत्री से वार्ता को बुलावा, फेडरेशन ने बताया सकारात्मक पहल
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए सूचना दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राठौर के निर्देशानुसार, फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा और जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में फेडरेशन के अन्य पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। मुख्यमंत्री के समक्ष शिक्षक अपनी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखेंगे।
फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रवींद्र राठौर ने सरकार की बातचीत की पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि शिक्षक हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम का स्वागत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली वार्ता में शिक्षकों की समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
27 अगस्त से पहले सरकार की बड़ी पहल
शिक्षक साझा मंच की ओर से प्रदेश स्तरीय आंदोलन की शुरुआत 22 अगस्त को विकासखंड स्तरीय प्रदर्शन के साथ हो चुकी है। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की गई थी।
27 अगस्त से दुर्ग में शिक्षा मंत्री के बंगले के सामने और जशपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने की तैयारी थी। ऐसे में आंदोलन शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री की ओर से फेडरेशन को बातचीत के लिए बुलाया जाना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फेडरेशन नेताओं का कहना है कि सरकार ने वार्ता का रास्ता अपनाकर शिक्षकों की समस्याओं को सुनने की पहल की है और अब उनकी उम्मीद मुख्यमंत्री से ठोस फैसले की है।
जिला प्रशासन से अजय गुप्ता की बैठक के बाद तेजी से बदला घटनाक्रम
मुख्यमंत्री से वार्ता का रास्ता अचानक तैयार नहीं हुआ। आंदोलन की रणनीति के संबंध में एक दिन पहले जशपुर में जिला प्रशासन के साथ फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई थी।
जशपुर जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने आंदोलन और शिक्षकों की मांगों को स्पष्ट रूप से रखा। बैठक में 27 अगस्त से प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी भी दी गई।
इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए सूचना भेजी गई।
मनीष मिश्रा बोले- बातचीत की पहल हमारी बड़ी जीत
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा ने कहा कि पहले शिक्षा मंत्री और अब मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत की पहल होना शिक्षकों की आवाज की बड़ी जीत है।
उन्होंने कहा कि फेडरेशन मुख्यमंत्री से TET के मुद्दे पर स्पष्ट निर्देश की उम्मीद कर रहा है। शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि TET की वजह से उनकी वरिष्ठता प्रभावित न हो।
मनीष मिश्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को जो समय दिया है, राज्य सरकार को उसी आदेश और उसकी भावना के अनुरूप आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री की ओर से आने वाला संदेश प्रदेश के शिक्षकों के हित में होगा।
TET, प्रमोशन और वेतन विसंगति पर रखेंगे बात
मुख्यमंत्री के साथ होने वाली वार्ता में फेडरेशन TET से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। फेडरेशन की मांग है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राठौर ने कहा कि शिक्षक चाहते हैं कि प्रमोशन में TET की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त हो और वेतन विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ठोस निर्णय ले।
जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता का निमंत्रण मिला है और प्रतिनिधिमंडल शिक्षकों की भावनाओं को पूरी मजबूती के साथ मुख्यमंत्री के सामने रखेगा।
उन्होंने कहा कि फेडरेशन TET की अनिवार्यता का पुरजोर विरोध करता है और सरकार से शिक्षक हित में बड़े फैसले की उम्मीद रखता है। वेतन विसंगति के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री से स्पष्ट निर्देश की मांग की जाएगी।
क्या आज खत्म होगा TET विवाद?
शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षक संगठनों की बातचीत और मुख्यमंत्री की ओर से सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन को वार्ता के लिए बुलाए जाने के बाद अब सबकी निगाहें आज होने वाली बैठकों पर टिकी हैं।
आंदोलन से पहले सरकार द्वारा सीधे बातचीत की पहल ने यह जरूर संकेत दिया है कि TET विवाद को वार्ता के जरिए सुलझाने की कोशिश तेज हो गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री के साथ आज होने वाली वार्ता में TET, सेवा सुरक्षा और प्रमोशन की बाध्यता पर कोई बड़ा फैसला सामने आएगा? फेडरेशन और प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों की नजर इसी बैठक पर टिकी हुई है।




















