Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में इस बार मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। आमतौर पर 13 जून तक बस्तर में प्रवेश करने वाला मानसून इस बार अब तक प्रदेश में पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। मौसम विभाग ने दो से तीन बार मानसून के छत्तीसगढ़ में सक्रिय होने की अपडेट दी, लेकिन अनुमान सही नहीं हो पाया है।
वहीं सामान्य परिस्थितियों में 21 जून तक पूरे राज्य में मानसून सक्रिय हो जाता था, लेकिन इस बार देरी ने मौसम के मिजाज को बदल दिया है।हालांकि, प्रदेश में बदलते मौसम के बीच लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। शुक्रवार को कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री तक गिरावट आई है।
रायपुर सबसे गर्म, तापमान सामान्य से ऊपर
मानसून के अब तक सक्रिय नहीं हो पाने की वजह से गरमी में भी नरमी नहीं आ पायी है। राजधानी रायपुर की बात करें तो रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक है। वहीं जगदलपुर में 33.1 डिग्री, अंबिकापुर में 33 डिग्री, बिलासपुर में 36.4 डिग्री और पेंड्रा में 32.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
तीन सिस्टम से बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में फिलहाल तीन अलग-अलग सिस्टम सक्रिय हैं। पंजाब से बिहार तक समुद्र तल पर बनी मौसमी द्रोणिका, पूर्वी विदर्भ से तेलंगाना और तमिलनाडु तक फैला ट्रफ और दक्षिणी क्षेत्रों से लगातार आ रही नमी के कारण प्रदेश में बादलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी वजह से कई इलाकों में अचानक बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन रही है।
अगले दो दिन गरज-चमक और वज्रपात की संभावना
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 48 घंटे तक प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों, खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग में सावधानी बरतने को कहा है।
कई जिलों में बारिश से मिली राहत
प्रदेश के रायपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, बस्तर और अन्य इलाकों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई और उमस में कमी महसूस की गई। मौसम अपेक्षाकृत सुहाना बना रहा।मौसम विभाग का कहना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो जून के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय हो सकता है और नियमित बारिश शुरू होने की संभावना है।










